मध्यप्रदेश

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पहले कार्यकर्ता फिर नेताओं को संतुष्ट करेगी भाजपा, स्थानीय समितियों के बाद ही होंगी निगम मंडलों में नियुक्तियां

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भोपाल। निगम मंडलों में नियुक्तियों को लेकर आज-कल वाली अटकलों पर फिलहाल विराम लगता नजर आ रहा है। वरिष्ठ पार्षदों की सूची के बाद अब विश्वविद्यालयों की कार्यपरिषद, महाविद्यालयों की जनभागीदारी, सहकारी समितियां जैसी नियुक्तियां होने जा रही हैं। इसके बाद अंत में संगठन की सहमति से सरकार खर्च बढ़ाने वाले निगम-मंडलों और प्राधिकरणों में नियुक्तियां करेगी। 

उल्लेखनीय है कि संगठन चुनाव के बाद से ही निगम-मंडलों, प्राधिकरणों में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष सहित अन्य पदों पर नियुक्ति के लिए शिफारिस के बाद  पार्टी के कई वरिष्ठ नेता-कार्यकर्ता सूची जारी होने की आस लगाए बैठे हैं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल करीब दो महीने पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि पहले निगम-मंडलों से पहले स्थानीय नियुक्तियों पर पार्टी का फोकस है। विगत 29 मार्च को नगर पालिका और नगर परिषदों में 169 वरिष्ठ पार्षदों की सूची से इसकी शुरूआत भी हो चुकी है। हालांकि अभी प्रदेश की सभी 16 नगर निगमों सहित कुल 244 निकायों में वरिष्ठ पार्षदों की नियुक्ति होना शेष है। 

5 राज्यों के चुनावों के बाद निगम-मंडलों की सूची! 

अप्रैल महीने में असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडू और पश्चिम बंगाल राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। मप्र सहित देशभर के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की इन चुनावों में ड्यूटी लगाई जाएगी। ऐसे में मप्र में शासकीय नियुक्तियां नहीं की जाएंगी। सूत्रों का कहना है कि निगम-मंडल, प्राधिकरण सहित प्रमुख शासकीय नियुक्तियों के नाम पहले ही तय किए जा चुके हैं। सिर्फ सूची जारी होनी है, जो मई के पहले सप्ताह तक जारी होने की संभावना है।