मध्यप्रदेश

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मप्र में गेहूं उपार्जन आज से, 78 लाख मीट्रिक टन की रिकॉर्ड खरीदी करेगी सरकार

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भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार 2026 रबी विपणन वर्ष में के लिए गेहूं की सरकारी खरीद गुरूवार, 9 अप्रैल से शुरू करने जा रही है। 3627 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से सीजन में सरकार किसानों से लगभग 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं की रिकॉर्ड खरीद करेगी। जिसके लिए प्रदेश के 19 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है। किसानों को 2,585 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जाएगा। इस तरह कुल प्रभावी मूल्य 2,625 प्रति क्विंटल हो जाएगा। 

छोटे किसनों से पहले खरीदी करेगी सरकार 

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सरकार छोटे और सीमांत पंजीकृत किसानों का गेहूं पहले खरीदेगी। इसके बाद मध्यम और बड़े किसानों का गेहूं खरीदेगी। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि खरीदी के लिए बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उपार्जन प्रक्रिया के दौरान किसानों को किसी भी तरह की परेशानी न हो। उपार्जन केन्द्रों पर छाया-पानी सहित अन्य व्यवस्थाओं के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को उनके प्रभार वाले जिलों में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की व्यवस्थाओं की सतत् निगरानी करने और आवश्यक समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। 

मुख्यमंत्री बोले 2700 तक पहुंचाएंगे गेहूं का भाव

समर्थन मूल्य खरीदी शुरू होने से एक दिन पहले जबलपुर में किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में गेहूं उत्पादन का रिकॉर्ड बना है। मध्यप्रदेश ने गेहूँ उत्पादन में सभी राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश में गेहूं का उपार्जन 9 अप्रैल से शुरू हो रहा है। किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल का भाव दिया जा रहा है। इसे 2700 रूपए तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पित है। प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों को भी भावांतर योजना का लाभ मिला है। अब सरसों की फसल पर भी भावांतर का लाभ किसानों को दिया जाएगा।