मध्यप्रदेश

Image Alt Text

20 अप्रैल के बाद आएगी परिवहन अमले की रोटेशन सूची, सालभर से जमे टीएसआई-आरटीआई की बदलेगी पदस्थापना, जो अटैच वे मैदान में पहुंचेंगे

मध्यप्रदेश

भोपाल। परिवहन विभाग की बहुप्रतीक्षित रोटेशन प्रक्रिया 20 अप्रैल के बाद अर्थात महीने के अंतिम सप्ताह में होगी। इस रोटेशन प्रक्रिया से चैकपॉइंट और फ्लाइंग संभाल रहे वे टीएसआई और आरटीआई सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे, जो सालभर से एक ही चेकपॉइंट पर जमे हैं। जबकि ग्वालियर-भोपल (कैंप) सहित अन्य कार्यालयों में अटैच निरीक्षक और उप निरीक्षकों को मैदानी पदस्थापना मिलनी तय है। 

टीसी नहीं, मंत्री कार्यालय से तय हुई सूची

नए परिवहन आयुक्त उमेश जोगा दूसरी बार पदस्थापना के बाद से ही इस प्रयास में थे कि रोटेशन सूची वे स्वयं तैयार करें, लेकिन ऐसा हो नहीं सका।सूत्रों का कहना है कि इसके लिए उन्होंने संगठन से उज्जैन तक प्रयास भी किए। लेकिन चूंकि रोटेशन सूची विभागीय मंत्री के समन्वय से ही जारी किए जाने का नियम है। इसलिए परिवहन आयुक्त जोगा के प्रयास विफल रहे और सूची मंत्री कार्यालय से बनकर तैयार हो चुकी है।  

ज्यादातर पुराने ही संभालेंगे चेकपॉइंट 

परिवहन विभाग की रोटेशन प्रक्रिया का मतलब है कि छह महीने तक प्रवर्तन के जो अधिकारी-कर्मचारी मैदानी पदस्थापना में रहे हैं, उन्हें कार्यालयों में और जो कार्यालयीन जिम्मेदारी सौंपी गई या अटैच किए गए, उन्हें मैदानी पदस्थापना में अवसर दिया जाएगा। लेकिन मैदानी अमले की कमी बताकर विभाग में वर्षों से इस प्रक्रिया का मखौल उड़ता रहा है। विभागीय मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी को संतुष्ट करने वाले अधिकारी-कर्मचारी विगत कई वर्षों से सिर्फ चेकपॉइंट (पहले चेकपोस्ट) और फ्लाइंग ही संभाल रहे हैं। हां इतना बदलाव जरूर किया गया कि उन्हें एक चेकपॉइंट से हटाकर पसंदीदा दूसरे चेकपॉइंट पर पदस्थ किया गया। कुछ प्रधान आरक्षकों जब चेकिंग के अधिकार नहीं थे, तब से उन्हें एक से अधिक चेकपॉइंट दिए जाते रहे हैं।