राजनीति

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महिला आरक्षण विधेयक के समर्थन में भाजपा की आक्रोश रैली आज, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बोले, घृणित ही नहीं, अलगाववादी है विपक्ष की मानसिकता, इससे घृणा आती है

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भोपाल। विपक्षी दलों के विरोध के कारण लोकसभा में पारित नहीं हो सके नारी शक्ति वंदन (संशोधन) अधिनियम के विरोध में भारतीय जनता पार्टी देशभर में आक्रोश प्रदर्शन कर रही है। राजधानी भोपाल सहित पूरे मध्यप्रदेश में भी पंचायत स्तर तक पार्टी प्रदर्शन करेगी। प्रदर्शन की शुरूआत सोमवार, 20 अप्रैल को राजधानी भोपाल के एमबीएम मैदान से होने जा रही है।प्रदर्शन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहेंगी। 

नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और पार्टी की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने रविवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में पत्रकारवार्ता को संबोधित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि महिला आरक्षक विधेयक पास कराने को लेकर संसद में जो घटनाक्रम हुआ, वह बेहद निंदनीय और कष्टकारी है। उन्होंने कहा कि  द्रौपदी का चीरहरण तो हमने पांच हजार साल पहले का सुना था, लेकिन विपक्ष के दुशासन,दुर्योधन सहित कौरव पक्ष के लोगों का बहनों के सम्मान के साथ खेलने का घटनाक्रम संसद में जिस प्रकार हुआ, वह हमारे लिए अत्यंत कष्टकारी और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि मोदी जी और अमित शाह जी ने प्रस्तावक बनकर जो निर्णय लिया, उसमें शुरुआत से ही हर दल को सुझाव देने का अवसर दिया गया। मोदी जी ने सभी को खुला पत्र भी लिखा, ताकि कोई यह न कहे कि हमें बोलने का अवसर नहीं मिला या हमसे चर्चा नहीं की गई।विपक्ष ने पहले समर्थन का संकेत दिया, लेकिन बाद में पलटी मार ली।

विपक्ष असली चेहरा आया सामने: खंडेलवाल

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि लोकसभा में जो घटनाक्रम हुआ, वह संसदीय परंपराओं के अनुरूप नहीं था। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष का जश्न महिलाओं का अपमान था। उन्होंने आरोप लगाया कि सभी दल किसी न किसी रूप में महिला आरक्षण के पक्ष में थे, लेकिन विपक्ष का असली चेहरा अब सामने आ गया है। 

विपक्ष को दोहरा चरित्र आया सामने: रेखा वर्मा

भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा वर्मा ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ को लेकर कहा कि यह अधिनियम 16-17 अप्रैल को संसद में लाया गया था और चर्चा के बाद विपक्ष ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि देश की महिलाएं पिछले 70 वर्षों से अपने अधिकारों की प्रतीक्षा कर रही थीं। देश में महिलाओं की आबादी लगभग 50 प्रतिशत है, इसलिए उन्हें समान भागीदारी मिलनी ही चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष मंचों पर महिला सशक्तिकरण की बात करता है, लेकिन संसद में बिल का विरोध करता है।पत्रकारवार्ता में प्रदेश सरकार की मंत्री श्रीमती संपत्तिया उइके, श्रीमती कृष्णा गौर,महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी परांजपे, विधायक अर्चना चिटनिस और मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल भी उपस्थित रहे। 

जिला से लेकर पंचायत स्तर तक निकलेंगी पदयात्रा

मुख्यमत्री डॉ. यादव ने बताया कि इस मुद्दे को लेकर पूरे देश में सरकार, पार्टी और समाज के माध्यम से जन-जागरण करेंगे। प्रदेश भर में पदयात्रा और आक्रोश सभाएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस पहली कड़ी है, इसके बाद प्रदर्शन किए जाएंगे। आगे विभिन्न जिलों, नगर पालिकाओं, नगर निगमों और नगर पंचायतों में प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। जरूरत पड़ी तो विधानसभा का एक दिवसीय सत्र बुलाकर भी इस मुद्दे को उठाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम रुकने वाले नहीं हैं।

प्रदेश अध्यक्ष ने देखी प्रदर्शन स्थल की व्यवस्थाएं 

नारी शक्ति वंदन ‘संशोधन’ अधिनियम गिरने के विरोध में सोमवार को राजधानी में प्रस्तावित आक्रोश रैली की तैयारियों को देखने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भोपाल के जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ रविवार को एमवीएम मैदान पहुंचे और व्यवस्थाओं को लेकर जानकारी ली एवं आवश्यक निर्देश भी दिए।