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मृतकों का बीमा कराकर 8 करोड़ की धोखाधड़ी का प्रयास, फर्जी जाति प्रमाण पत्र बनाने वाले एजेंट, नॉमिनी, सचिव-सरपंच और अधिकारियों पर एफआईआर

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भोपाल। मंदसौर और उज्जैन क्षेत्र में गंभीर बीमारियों से ग्रसित एवं दिवंगत हो चुके लोगों की फर्जी तरीके से जीवन बीमा पॉलिसी कराकर नॉमनियों के नाम से बीमा क्लेम प्राप्त करने का प्रयास करने वाले दो दर्जन से अधिक आरोपी बीमा एजेंट, नॉमिनी और सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों के विरुद्ध आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने एफआईआर दर्ज की है। 

आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ मुख्यालय भोपाल में इस मामले की शिकायत 3 सितम्बर 2025 को दर्ज हुई थी। शिकायत के सत्यापन के दौरान पाया कि गंभीर बीमार लोगों और मृत व्यक्तियों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाकर एवं तथ्यों को छुपाकर जीवन बीमा पॉलिसी की और नामिनियों के मृत व्यक्तियों के फर्जी मृृत्यु प्रमाण पत्र प्रस्तुत कर जीवन बीमा लेने के लिए आईसीआईसीआई पू्रडेंसियल लाईफ इंश्योरेंश लिमि. में क्लेम किया। बीमा कम्पनी के साथ आपराधिक षडय़ंत्र कर धोखाधड़ी, अवैध बीमा क्लेम धनराशि प्राप्त करने, बीमा कम्पनी को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में ईओडब्ल्यू ने अपराध पंजीबद्ध किया। 

ईओडब्ल्यू ने इन्हें बनाया आरोपी 

बीमा एजेण्ट - आईसीआईसीआई प्रूडेंसियल लाईफ इंश्योरेंस कम्पनी के एजेण्ट मेघा डोंगांरवर, ऋषि पाल, झोपर इंश्योरेंस ब्रोकर्स प्रा.लिमि., जशोदाबेन शर्मा, महेशचन्द्र, मुकेश साधवानी, सुनीता, जितेन्द्र खींची, महेन्द्र परिहार, अंजली जैन, प्रहलाद चौहान, मेघा कोठारी, रवि राठौर और प्रहलाद पाटीदार 

पॉलिसी धारकों के नॉमिनी- श्रीमती रामकन्या नवरंग, श्रीमती सरे कुंवर, गोकुल सिंह, अनिल, श्रीमती रेखा बाई, मुकेश सिंह चौहान, श्रीमती राधा मालवीय, गोपाल, प्रभा पाटीदार, अनिल भाटी, दिलीप गावरिया, विनोद, कैलाश हिरवे, शीतल, श्यामदास बैरागी, मुन्नी यादव, सुरेश जुझारे, मंजुदेवी राव, राधा देवी, सरफराज अहमद, सुधीर राठौर और ज्योति बाई। 

अधिकारी-जनप्रतिनिधि (लोकसेवक)- ग्राम आलाखेड़ा, तहसील महिदपुर, जिला उज्जैन के सरपंच जसवंत सिंह, सचिव राजकुमार देवड़ा, सहायक सचिव राधेश्याम गुर्जर, ग्राम पंचायत पालखंदा तहसील व जिला उज्जैन के सचिव मेम्बर चौधरी, ग्राम पंचायत धुरेरी तहसील बडऩगर जिला उज्जैन के सचिव लाखन सिंह चौहान एवं अन्य। 

19 बीमार और 8 मृतकों के बीमा 

ईओडब्ल्यू की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने 27 पॉलसियों में से 19 पॉलिसियों में गंभीर रूप बीमार लोगों को एवं 8 मृतकों बालू सिंह, दिनेश मालवीय, धर्मेन्द्र सिंह चौहान, जयकूंवर, तेजुलाल, राहुल कुमार, गोवर्धन सिंह, हिरालाल भट्ट  की पॉलिसियों में उनके एजेंटों तथा नॉमिनी ने मृत पॉलिसी धारकों को जीवित दर्शाकर उनकी बीमा पॉलिसी ली। इसी प्रकार आरोपी सरपंचों, सचिवों और सहायक सचिव ने पॉलिसी धारकों के फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र व अन्य शासकीय दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर, झूठे साक्ष्य तैयार कर, बीमा कम्पनी में मृत्युदावा प्रस्तुत किया। इस तरह आरोपियों ने बीमा कम्पनी के साथ धोखाधड़ी पूर्वक मृत्युदावा राशि लगभग 8 करोड़ रुपये अवैध रूप से लेने का प्रयास किया। ईओडब्ल्यू ने आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दण्ड़ संहिता की धारा 417, 420/511, 467, 468, 471, 120(बी) व भ्रष्टाचार अधिनियम 1988 की धारा 7(ग), 12 (संशोधन अधिनियम 2018) के तहत् प्रकरण पंजीबद्ध कर जांच में लिया है।