मध्यप्रदेश

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चालान का भय दिखकर 500 रुपये की अवैध वसूली

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परिवहन चेकपॉइंटों पर ट्रक चालकों से फिर शुरू हुई लूट-खसोट



 मुरैना टीएसआई ने तैनात किए 40 प्रायवेट कटर

भोपाल। परिवहन विभाग के चेकपॉइंटों पर 11 महीने बाद अवैध वसूली एक बार फिर से अपने पुराने स्वरूप में नजर आने लगी है। वाहनों की चेकिंग और चालानी कार्रवाई के लिए तैनात किए गए चेकपॉइंट और फ्लाइंग प्रभारी दिन-रात अवैध वसूली में जुटे हैं। सबसे ज्यादा अवैध वसूली मुरैना चेकपॉइंट पर जारी है, जहां  दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से मप्र में आने-जाने वाहनों को चालानी कार्रवाई का डर दिखाकर, चेकपॉइंट प्रभारी द्वारा नियुक्त करीब 40 प्रायवेट कटर अवैध वसूली में कर रहे हैं। 

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर एक जुलाई 2024 से परिवहन चेकपोस्ट बंद किए गए थे। उनके स्थान पर बने चेकपॉइंट पर सिर्फ वाहनों की चेकिंग और नियम विरुद्ध या कमियां मिलने पर चालानी कार्रवाई की जानी थी। यह कार्रवाई भी शत-प्रतिशत बॉडीवार्म कैमरों की निगरानी में होनी थी। लेकिन एक भी चेकपॉइंट पर चेकपॉइंट प्रभारी या कर्मचारी बॉडीवॉर्म कैमरों का उपयोग नहीं कर रहे हैं। 

इस तरह हो रही अवैध वसूली 

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के ट्रांसपोर्टर ने ‘स्वदेश’ से चर्चा में बताया कि  चेकपॉइंट पर खड़े परिवहन कर्मी या कटर ट्रकों को रोककर 500 रुपये तक वसूली मांगते हैं। मना करने पर मारपीट या बड़ा चालान बनाने की धमकी देते हैं। पैसे नहीं देने वालों के 2000-5000 या उससे अधिक राशि के ऑनलाइन चालान काट दिए जाते हैं। ट्रांसपोर्टर का कहना है कि अवैध वसूली तो सभी चेकपॉइंट पर शुरू हो गई है, लेकिन डरा-धमकाकर और सबसे ज्यादा वसूली मुरैना चेकपॉइंट पर हो रही है। 

मुख्यमंत्री और टीसी के आदेश नहीं मान रहे प्रभारी

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अवैध वसूली की शिकायत मिलने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जबकि परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा सभी परिवहन चेकपॉइंट प्रभारियों को लिखित निर्देश जारी कर चुके हैं कि समस्त स्टाफ वर्दी में ही चेकिंग करे और उस पर नेमप्लेट भी हो। बॉडीवॉर्म कैमरों के बिना चेकिंग नहीं की जाए। जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया था कि चेकिंग इस तरह की जाए कि सडक़ पर वाहनों की कतार न लगे। प्रायवेट व्यक्ति से चेकिंग नही कराए जाने तथा एक वाहन पर कार्रवाई पूरी होने पर ही दूसरा वाहन रोके जाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन मुरैना में प्रायवेट कटर द्वारा रोके गए ट्रकों की डेढ़ से दो किमी तक लम्बी लाइन और इनसे सरेआम अवैध वसूली देखी जा सकती है। सरकारी कर्मचारी भी न तो वर्दी में हैं न ही बॉडीवार्म कैमरे उपयोग किए जा रहे हैं। मुरैना चेकपॉइंट प्रभारी शंकर पचौरी और चेकपॉइंट पर उनके सहयोगी आरक्षक अभिषेक भुजंग के मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर एवं मैसेज कर चेकपॉइंट प्रभारी श्री पचौरी से प्रतिक्रिया चाही, लेकिन प्रतिक्रिया नहीं दी गई। 

‘एमपीएलएस का जियो से लिंक नहीं हो पाने से वॉडीवार्म कैमरे अभी चालू नहीं हो सके हैं। हालांकि 15 जून तक इन्हें हर हाल में एक्टिव करेंगे। अवैध वसूली या अन्य प्रकार की किसी की शिकायत है तो मुझे भिजवाएं। कार्रवाई जरूर होगी।’

विवेक शर्मा, परिवहन आयुक्त, मप्र 

‘मप्र में मुख्यमंत्री ने अवैध वसूली को बंद करा दिया था। लेकिन चेकपॉइंट प्रभारी बड़े चालान का डर दिखाकर अवैध वसूली कर रहे हैं। मुरैना चेकपॉइंट पर पहले की तरह कटर के सहारे वसूली शुरू हो गई है। एसोसिएशन के साथ मप्र के मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत करेंगे।’

- नरिंदर सिंह, ट्रांसपोर्टर दिल्ली