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महिलाओं से खचाखच भरी पांच दर्शक दीर्घा, नारी शक्ति ने देखी महिला आरक्षण पर विधानसभा की कार्रवाई

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भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा में सोमवार को महिला आरक्षण विधेयक पर चर्चा के लिए लाए गए संकल्प पर चर्चा के दौरान मप्र विधानसभा की पांच दर्शक दीर्घाएं महिलाओं से खचाखच भरी नजर आईं। भोपाल महपौर श्रीमती मालती राय ने अध्यक्षीय दीर्घा में बैठकर सदन की कार्रवाई को देखा। जबकि अन्य दीर्घाओं में जनता और विशेषकर महिलाओं से सीधा संवाद रखने वाली जनप्रतिनिधि, महिला नेत्रियां, कार्यकर्ता और महिला एवं बाल विकास विभाग की महिला अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं कुछ संस्थाओं की पदाधिकारी भी उपस्थित रहीं। 

आरक्षण के साथ स्वावलंबी भी बनें महिलाएं 

्रएसओएस चिल्ड्रन्स विलेजेज ऑफ इंडिया संस्था की दिव्यांग बच्चों से संबंधित प्रभारी सुश्री प्रेरणा गुप्ता ने महिला आरक्षण लागू किए जाने का समर्थन करते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के साथ उनके प्रशिक्षण की भी आवश्यकता है। जनप्रतिनिधि चुने जाने के बाद वे पुरुषों पर निर्भर न रहें। वे अपने काम स्वयं कर सकें। स्वावलंबी बनें। 








राष्ट्र निर्माण में बढ़े महिलाओं की भूमिका

भाजपा की सहयोगी इकाई के रूप में काम करने वाली ‘राष्ट्रीय मोदी सेवा समिति’ (आरएमएसएस) की पदाधिकारी एवं भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री श्रीमती चंचल शिम्पी ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की बराबर की भागीदारी को लेकर ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने हेतु ‘नारी शक्ति वंदन (संशोधन) विधेयक लेकर आए थे, लेकिन कांग्रेस ने विरोध कर इसे गिरा दिया। कांग्रेस नहीं चालती कि महिलाएं सशक्त हो सकें। 

हस्तक्षेप से मुक्त हो महिला सशक्तिकरण:श्रीमती गढ़वाल 

सदन की दर्शक दीर्घा में उपस्थित महिला एवं बाल विकास विभाग की की पर्यवेक्षक श्रीमती कविता गढ़वाल ने कहा कि लम्बे समय शिक्षा और सार्वजनिक जीवन से दूर रही महिलाएं आज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। इसलिए महिलाओं को आरक्षण मिलना ही चाहिए। लेकिन जनप्रतिनिधि चुने जाने के बाद महिला जनप्रतिनिधि के कामों में पति, पुत्र या अन्य पुुरुषों का हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।