मध्यप्रदेश

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शराब दुकानों पर क्यूआर कोड जरूरी, स्केन कर कीमत पता कर सकेंगे ग्राहक, आबकारी आयुक्त ने जारी किए आदेश, नहीं लगाया तो दुकान लायसेंस होगा निरस्त

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भोपाल। मध्यप्रदेश की प्रत्येक कम्पोजिट शराब दुकान के बाहर शराब ठेकेदार को क्यूआर कोड लगाना होगा। कोई भी ग्राहक इस क्यूआर कोड को स्केन कर खरीदी जा रही शराब की वास्तविक कीमत पता कर सकेगा। इससे ठेकेदार अधिकतम और न्यूनतम कीमत से कम अथवा ज्यादा कीमत पर शराब नहीं बेच सकेगा। क्यूआर कोड नहीं लगाने वाले ठेकेदारों के दुकान लायसेंस निरस्त होंगे। मप्र के अबाकारी आयुक्त ने हाल में इस तरह का आदेश जारी किया है। 

आबकारी आयुक्त ने आदेश में साफ किया है कि प्रत्येक शराब दुकान के बाहर लगने वाला क्यूआर कोड ई-आबकारी पोर्टल से जनरेटेड होगा। इसे स्कैन करते ही उपभोक्ता के मोबाइल पर संबंधित जिले की शराब की रेट लिस्ट खुल जाएगी।शराब ठेकेदारों द्वारा महंगी कीमत पर शराब बेचने की मिल रहीं शिकायतों के बाद आबकारी आयुक्त ने इसे गंभीर अनियमितता मानते हुए यह फैसला लिया है। आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना के अनुसार क्यूआर कोड की यह व्यवस्था उपभोक्ताओं को सशक्त बनाएगी, जिससे वे मौके पर ही अपने स्मार्टफोन से स्कैन कर ब्रांड की वास्तविक और कानूनी दरों का सत्यापन कर सकेंगे। दुकानदार द्वारा अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने अथवा क्यूआर कोड नहीं लगाए जाने की शिकायत मिलने पर जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी और दुकानदार के विरुद्ध बड़े अर्थदण्ड से लेकर लायसेंस निरस्त किए जाने जैसी कड़ी कार्रवाई भी की जा सकेगी। 

28 से शुरू हुआ 10 दिवसीय जांच अभियान 

शराब दुकानों पर महंगी शराब सहित अन्य गड़बडिय़ों की जांच तथा क्यूआर कोड व्यवस्था को सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से प्रदेशभर में 28 अप्रैल से 7 मई 2026 तक 10 दिवसीय विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच दल 11 मई तक रिपोर्ट आबकारी आयुक्त को सौंपेगा। 

पहले से लागू है क्यूआर लगाने का आदेश 

शराब को अधिक कीमत पर बेचे जाने से रोकने के लिए क्यूआर कोड लगाए जाने के निर्देश पिछले वर्ष भी जारी हुए थे। पिछले साल जून माह में भी आबकारी आयुक्त की ओर से भोपाल, इंदौर सहित प्रदेश भर की मदिरा दुकानों को तीन स्थानों पर स्पष्ट एवं पठनीय क्यूआर कोड चस्पा करने के आदेश दिए गए थे। हालांकि अधिकांश शराब ठेकेदारों ने विभाग के इन आदेशों का पालन नहीं किया और पिछले वर्ष राजधानी भोपाल सहित कई शहरों में 20-30 प्रतिशत अधिक कीमत पर शराब बिकी।