राजधानी

Image Alt Text

भारतीय विरासत की संरक्षक थीं देवी अहिल्याबाई

राजधानी

‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में बोले प्रधानमंत्री 

भोपाल। लोकमाता देवी अहिल्याबाई होल्कर के संकल्पों से सीख मिलती है कि परिस्थितियां कितनी भी विपरीत क्यों न हो इच्छाशक्ति से उन्हें पूर्ण किया जा सकता है।  जब देश गुलामी की बेडिय़ों में जकड़ा था, उन विपरीत परिस्थितियों में राज्य का कार्यभार संभाला और राज्य को समृद्धि दी। देवी अहिल्याबाई भारत की विरासत की संरक्षक थीं। जब देशभर में हमारे मंदिरों, तीर्थ स्थलों पर हमले हो रहे थे तो उन्होंने इन्हें संरक्षित करने का कार्य किया। काशी विश्वनाथ समेत अनेक मंदिरों का निर्माण कराया। यह उनका सौभाग्य है कि काशी ने उन्हें भी सेवा का अवसर दिया है। यह बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को भोपाल के जम्बूरी मैदान पर आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में संबोधित करते हुए कही।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देवी अहिल्याबाई ने विकास का ऐसा मॉडल अपनाया, जिसमें गरीबों और वंचितों को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने उद्योग, खेती और जल संरक्षण को बढ़ावा दिया। देवी अहिल्याबाई ने 250-300 साल पहले हमें जल संरक्षण का रास्ता दिखाया था। किसानों को कपास की खेती के लिए प्रेरित किया, धान और गेंहू की खेती के अतिरिक्त फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन दिया। उन्होंने महेश्वरी साड़ी के लिए नए उद्योग लगाए। आज महेश्वरी साड़ी देश की महिलाओं की पसंद बन चुकी है। देवी अहिल्याबाई ने समाज सुधार की दिशा में कार्य किए। वे हमेशा मातृशक्ति के विकास के बारे में सोचती थीं। उन्होंने बाल विवाह को रोकने के लिए कदम उठाए। उन्होंने समाज सुधारकों को भरपूर समर्थन दिया। मालवा की सेना में महिलाओं की एक टुकड़ी बनाई। मां अहिल्या के कार्यकाल में महिलाओं की ग्राम सुरक्षा टोलियां बनाई गई थीं। पश्चिम के लोग हमें माताओं-बहनों के नाम पर नीचा दिखाने की कोशिश करते हैं, लेकिन देवी अहिल्याबाई की सोच और कार्य महिला सशक्तिकरण को समर्पित थे। वे राष्ट्र निर्माण के लिए परिवर्तन लाने वाली शासक थीं। लोकमाता देवी अहिल्याबाई राष्ट्र निर्माण में नारी शक्ति के अमूल्य योगदान का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार लोकमाता अहिल्याबाई के इन्हीं मूल्यों पर चलते हुए कार्य कर रही है, ‘नागरिक देवो भव:’ वर्तमान में गवर्नेंस का मंत्र है। लोकमाता देवी अहिल्याबाई की 300वीं जयंती, सभी देशवासियों के लिए प्रेरणा और राष्ट्र निर्माण के लिए हो रहे भागीरथी प्रयासों में अपना योगदान देने का अवसर है। 

प्रधानमंत्री के मंच पर यह रहे मौजूद

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मंच पर राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेन्द्र शुक्ला, केन्द्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा, मंत्री संपत्तियां उइके, निर्मलाभूरिया, प्रहलाद पटेल, चैतन्य कश्यप, राज्यमंत्री कृष्णा गौर, राधा सिंह, प्रतिमा बागरी, धर्मेन्द्र लोधी, सांसद आलोक शर्मा और महापौर मालती राय मंच पर उपस्थित रहे। 

भारत की सुरक्षा की ढाल बनीं बेटियां

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान नारी शक्ति के सामथ्र्य का प्रतीक बीएसएफ की बेटियों की प्रमुख भूमिका रही। बेटियां देश की सीमाओं पर मोर्चा संभाले रहीं और सीमा पर की गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। दुश्मनों की पोस्टों को ध्वस्थ कर इन बेटियों ने अद्भुत शौर्य और सामथ्र्य दुनिया को दिखाया। प्रधानमंत्री ने कहा भारत की बेटियां सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्रिम मोर्चे पर डटी हैं। बेटियां भारत की सुरक्षा की ढाल बन गई हैं। प्रधाानमंत्री ने कहा कि नेवी की दो बेटियों ने हाल में ढाई सौ दिन की समुद्री यात्रा पूरी की है, वह भी हवा से चलने वाली नाव से। हर मुसीबत को हराकर, चुनौतियों का कर इन बेटियों ने विजय प्राप्त की।  

आतंकियों के लिए काल बनी नारी शक्ति को चुनौती

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘सिंदूर’ भारत की संस्कृति, संस्कारों और शौर्य का प्रतीक है। रामभक्त हनुमान ने सिंदूर को धारण किया है। शक्ति की पूजा में हम इसे उपयोग करते हैं। यही सिंदूर भारत की रक्षा का गौरव बना।’ प्रधानमंत्री ने कहा, पहलगाम में आतंकियों ने भारतीयों का खून ही नहीं बहाया, उन्होंने हमारी संस्कृति पर भी हमला किया, समाज को बांटने की कोशिश की। आतंकवादियों ने भारत की नारीशक्ति को चुनौती दी है। यह चुनौती आतंकियों और उनके आकाओं के लिए काल बन गई है। 

छद्म युद्ध छेड़ा तो फिर से घर में घुसकर मारेंगे

प्रधानमंत्री ने कहा-‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और सफल ऑपरेशन रहा। आतंकियों ने जहां तक सोचा भी नहीं था, वहां आतंकियों को मिट्टी में मिलाया। उन्होंने कहा कि आतंकियों के जरिए अब यह छद्म युद्ध नहीं चलेगा। अगर फिर से ऐसी कोशिश की तो घर में घुसकर मारेंगे। आतंकियों की मदद करने वालों को भी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अब भारत का एक-एक नागरिक, 140 करोड़ नागरिकों का कहना है कि अगर तुम गोली चलाओगे तो गोली का जवाब गोले से दिया जाएगा। 

नीतिगत निर्णयों में बढ़ा रहे बेटियों की भागीदारी 

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘नीतिगत निर्णयों में बेटियों की भागीदारी बढ़े, एक दशक में इस दिशा में अनेक प्रयास हुए। भारत की सरकार में पूर्णकालिक रक्षामंत्री, वित्तमंत्री बेटी बनी। पंचायत से पार्लियामेंट तक बेटियों को अवसर दिए जा रहे हैं। अभी 75 महिला सांसद हैं, इस संख्या को और अधिक बढ़ाने के प्रयास हैं। संसद, विधानसभाओं में महिला आरक्षण पक्का हो गया हैं। 

यह भी बोले प्रधानमंत्री 

- आदिवासी बहन (राष्ट्रपति) के मार्गदर्शन में मुझे जनसेवा का अवसर मिला। 

- 10 साल में 4 करोड़ गरीबों को घर मिले, मालकिन बनीं माता बहिनें। 

- महिला सशक्तिकरण के लिए पढ़ाई, दवाई के साथ कमाई भी जरूरी। 

- नल से जल, उज्जवला योजना जैसी योजनाओं का भी किया उल्लेख।

- प्रधानमंत्री ने लोकमाता देवी अहिल्याबाई पर केंद्रित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। 

- प्रधानमंत्री ने हथकरघा-हस्तशिल्प को समर्पित महिलाओं और ड्रोन दीदी से संवाद किया। 

- प्रधानमंत्री ने मप्र में महिला सशक्तिकरण के लिए जारी गतिविधियों, योजनाओं में महिलाओं द्वारा की जा रही पहल और ग्रामीण व नगरीय निकायों में महिला प्रतिनिधित्व के संबंध में भी जानकारी ली। 

- प्रधानमंत्री ने प्रदर्शनी में प्रदेश में अधोसंरचना विकास के अंतर्गत संचालित गतिविधियों, विभिन्न धार्मिक लोक के विकास सहित राज्य के अन्य विकासोन्मुखी नवाचारों का भी अवलोकन किया।

प्रधानमंत्री ने मंच सौंपी सौागतें, सम्मान भी किया 

- देवी अहिल्याबाई होल्कर को समर्पित डाक टिकिट और 300 रुपये का सिक्का जारी किया

- वर्चुअली इंदौर मेट्रो का शुभारंभ और दतिया व सतना एयरपोर्ट का लोकार्पण

-  प्रदेश के 1271 अटल ग्राम सेवा सदनों के लिए 483 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की। 

- देवी अहिल्या राष्ट्रीय सम्मान से छत्तीसगढ़ की डॉ. जयमती कश्यप को सम्मानित किया। 

- नारी सशक्तिकरण के प्रतीक स्वरूप प्रदेश की चार महिलाओं ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का अभिवादन किया। 

- मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री श्री मोदी को बैतूल के भरेवा शिल्प से निर्मित पुष्पक विमान की कृति भेंट की

वीरांगनाओं ने किया दुश्मनों का सामना 

स्वागत उद्बोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि लोकमाता अहिल्या महारानी का जन्म 300 वर्ष पूर्व हुआ। उन्होंने एक आदर्श बहू और आदर्श पत्नी रहते हुए शासन चलाया। आज अहिल्या माता के सुशासन के आधार पर ही पूरा शासन तंत्र चल रहा है। उन्होंने कहा, मध्यप्रदेश के 500 साल के कालखंड में गोंडवाना की रानी अवंतीबाई ने तीन बार अकबर को धूल चटाई थी। रानी दु्र्गावती ने भी मुगलों के सामने कभी भी आत्मसम्मान से समझौता नहीं किया। ग्वालियर की राजमाता सिंधिया ने भी भारतीय लोकतंत्र को मजबूत किया। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने इंदौर की सुमित्रा ताई को लोकसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी देकर प्रदेश का मान बढ़ाया। आज राष्ट्रपति भी एक महिला हैं। अहिल्या देवी की 300वीं जयंती के अवसर पर पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने आतंकी सरकार और आतंकवादियों को धूल चटाई । पूरा देश आपका अभिनंदन कर रहा है। भारत ने जापान को पीछे छोडक़र दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की उपलब्धि हासिल की है। मप्र सरकार गरीब, किसान, युवा और नारी सहित हर वर्ग के कल्याण के लिए केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया में शिखर पर पहुंचेगा।

‘भारत माता की जय’ नारों से गूंजा पण्डाल

देवी अहिल्या बाई होलकर की 300वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित ‘महिला सशक्तिकरण महासम्मेलन’ में मंच से लेकर पंडाल तक बड़ी संख्या में महिला शक्ति भगवा गणवेश में नजर आई। प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान प्रधानमंत्री ने जब ऑपरेशन सिंदूर और गोली का जवाब गोले से दिए जाने का उल्लेख किया तो पूरा पंडाल ‘भारत माता की जय’ के नारों से गूंज उठा। हजारों की संख्या में उपस्थित नारी शक्ति ने तिरंगा लहराकर भारतीय सेना के पराक्रम का सम्मान किया। 

नारी शक्ति के बीच पहुंचे प्रधानमंत्री

आगमन के साथ ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुली जीप में सवार होकर पण्डाल में उपस्थित नारी शक्ति के बीच पहुंचे। प्रधानमंत्री ने सभी का हाथ हिलाकर अभिवादन किया तो महिलाओं ने राष्ट्रभक्ति पूर्ण धुन पर तिरंगा लहराकर और ‘मोदी-मोदी’ के नारों के साथ प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सांसद वीडी शर्मा भी उनके साथ उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने पगड़ी पहनाकर किया प्रधानमंत्री का स्वागत

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पगड़ी पहनाकर एवं बैतूल जिले के भरेवा शिल्प से निर्मित पुष्पक विमान भेंट कर प्रधानमंत्री श्री मोदी का स्वागत किया। प्रधानमंत्री का महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन की प्रतीक प्रदेश की चार महिलाओं ने भी स्वागत किया। इस क्रम में जबलपुर में कैंसर रोगियों की देखरेख को समर्पित सुश्री ज्ञानेश्वरी देवी, पहली भारतीय कैनोइस्ट और अर्जुन पुरस्कार प्राप्त सुश्री प्राची यादव ,ग्राम स्तर पर स्वच्छता और विकास कार्यों को समर्पित ग्राम तिरला-जिला धार की सरपंच श्रीमती आरती पटेल और महेश्वरी साड़ी निर्माण में लगी नागेश्वरी स्वयं सहायता समूह महेश्वर की सुश्री मीनाक्षी ठाकले ने स्वागत अभिवादन किया।

देवी होल्कर के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा मप्र और भारत 

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि इंदौर मेट्रो की शुरुआत और दतिया व सतना के हवाई सेवा से जुडऩे से मध्यप्रदेश में सुविधाएं बढ़ेंगी, विकास को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसरों का इससे सृजन भी होगा। मप्र में अनेक विकास के कार्य हो रहे हैं। भारत के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर को अब मेट्रो की पहचान मिली है। केंद्र सरकार ने मालवा क्षेत्र में परिवहन सुविधाओं के विस्तार के लिए रेल लाइनों के विकास को मंजूरी दी है। दतिया व सतना के हवाई सेवा से जुडऩे से अब मां पीतांबरा और मां शारदा देवी के दर्शन और सुलभ हो जाएंगे। बुंदेलखंड और बघेलखंड की कनेक्टिविटी बढ़ेगी। आज भारत को अहिल्याबाई की प्रेरणा से अपना परिश्रम और सामथ्र्य बढ़ाना है। रानी कमलापति, रानी दुर्गावती, रानी अवंतीबाई, रानी चेनम्मा जैसे नाम हमें गौरव से भर देते हैं। हमें भारत की नींव मजबूत करनी है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने कहा कि लोकमाता देवी अहिल्याबाई ने अपने कार्यकाल में विकास के साथ विरासत को सहेजा था। आज का भारत और मप्र भी इसी संकल्प के साथ आगे बढ़ रहे हैं। 

इंदौर, दतिया, सतना में उपस्थित रहे केन्द्रीय मंत्री

इंदौर में आयोजित मेट्रो रेल के उद्घाटन और दतिया व सतना जिलों में एयरपोर्ट के उद्घाटन अवसर पर वहां केन्द्रीय मंत्री सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। इंदौर से केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री तोखन साहू और मप्र के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, दतिया से केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू और प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एंदल सिंह कंषाना, सतना से केन्द्रीय नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता राज्यमंत्री मुरलीधर मोहोल तथा प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल वर्चुअली शामिल हुए।