राजनीति

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जनजातीय क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण का विरोध करेगी कांग्रेस, पीसीसी में हुई आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की बैठक

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भोपाल। मध्यप्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण को लेकर कांग्रेस आंदोलन करेगी। यह निर्णय शनिवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में हुई आदिवासी कांग्रेस की प्रदेश कार्यकारिणी और जिलाध्यक्षों की बैठक में लिया गया। बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया, पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, पूर्व मंत्री बाला बच्चन, सज्जन वर्मा, सुखदेव पांसे, पीसी शर्मा, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम और प्रकोष्ठ के पदाधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद पार्टी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मीडिया से चर्चा में कहा कि कांग्रेस पार्टी इस लड़ाई का नए सिरे से शंखनाद करेगी। इसके लिए रणनीति बनाने की जिम्मेदारी विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व मंत्री कमलेश्वर पटेल, विधायक विक्रांत भूरिया को सौंपी गई है। वे जो रणनीति बनाएंगे, उस पर कांग्रेस पार्टी काम करेगी। उन्होंने कहा कि सिंगरौली में जनजातियों की जमीन छीनने और अधिग्रहण के बहाने अडाणी को फायदा पहुंचाने का विरोध कांग्रेस करेगी। कांग्रेस जनजातियों को अधिकार दिलाने की लड़ाई का शंखनाद कांग्रेस करेगी।

चर्चा करते नजर आए दिग्विजय और सिंघार

आदिवासी कांग्रेस की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार आपस में हंसते और चर्चा करते नजर आए। उल्लेखनीय है कि कांग्रेस में सिंघार और दिग्विजय के बीच समन्वय हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। कमलनाथ सरकार में सिंघार दिग्विजय के खिलाफ खुलकर बगावत कर चुके हैं। उस समय उन्होंने दिग्विजय सिंह पर कई गंभीर आरोप भी लगाए थे।