राजधानी

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कार्यप्रणाली नहीं सुधरी तो लगेगा अर्थदण्ड, समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में लापरवाही पर नाराज हुए कलेक्टर

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- तहसीलदारों, पीएचई और शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस 

भोपाल। कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित भोपाल जिले की समय-सीमा पत्रों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर प्रियंक मिश्रा लापरवाह अधिकारियों पर जमकर बरसे। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर सौ दिन से अधिक समय से लंबित एवं अनाकलित शिकायतों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों को तत्काल कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी भी दी कि कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो आगे से अर्थदंड की कार्रवाई भी की जाएगी। बैठक में शिक्षा विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त करते हुए कलेक्टर श्री मिश्रा ने दोनों विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। 

कलेक्टर श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी एवं जनहित से जुड़े  प्रकरणों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि आमजन की शिकायतों के त्वरित एवं संतोषजनक निराकरण में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। लोक सेवा गारंटी सेवाओं की समीक्षा करते हुए समय-सीमा से बाहर हो चुके प्रकरणों में जवाबदेही तय करने और संबंधित अधिकारियों पर नियमानुसार पेनाल्टी लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की सेवाएं निर्धारित समयावधि में नागरिकों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

सेंचुरियन सत्यापन में लापरवाही पर तहसीलदारों को नोटिस 

्रआधार के 18 वर्ष से अधिक आयु वर्ग तथा 100 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों (सेंचुरियन-100) के मृतक सत्यापन कार्यों की समीक्षा भी की गई। अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर संबंधित तहसीलदारों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही उच्च न्यायालय में लंबित अवमानना प्रकरणों की समीक्षा कर सभी मामलों में समय-सीमा के भीतर वैधानिक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

केपीआई पर ध्यान दे कृषि विभाग 

बैठक में कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि वर्तमान वर्ष को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। ऐसे में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा निर्धारित 12 प्रमुख प्रदर्शन संकेतकों (केपीआई) पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने किसानों की आय वृद्धि, कृषि आधुनिकीकरण और खाद्य सुरक्षा से जुड़े लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति की बैठकों में कृषि क्षेत्र से जुड़े विषयों को प्राथमिकता से शामिल करने तथा फॉर्मर रजिस्ट्री के कार्य में तेजी लाने के निर्देश भी दिए। बैठक में जल गंगा संवर्धन, पीएम राहत और पर्यावरण संरक्षण की समीक्षा भी की गई।