राजधानी

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जल भराव वाले क्षेत्रों से तुरंत हटवाएं अतिक्रमण

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बाढ़ और अतिवर्षा से बचाव संबंधी समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने जिलाधीशों को दिए निर्देश 

भोपाल। सभी कलेक्टर नदी-नालों और जल भराव वाले सभी क्षेत्रों सहित पुल-पुलियों और बसाहट में हुए अतिक्रमण की पहचान कर उसे हटवाएं और नालों आदि की सफाई कराएं। बाढ़ राहत और बचाव के लिए आवश्यकतानुसार अलग-अलग दल बनाकर हर जिले में व्हाटसएप ग्रुप भी बनाएं। साथ ही बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य अमले, खाद्यान्न आदि की व्यवस्था एवं अस्थायी आश्रय स्थलों का चयन कर प्रत्येक टीम में समन्वय और प्रशिक्षण कराएं। इस तरह के निर्देश भोपाल संभागायुक्त संदीप सिंह ने बुधवार को संभाग के सभी जिलों में बाढ़ और अतिवर्षा की स्थिति में बचाव संबंधी समीक्षा बैठक में सभी जिलों के पुलिस, राजस्व, नगर निगम और नगर पालिका, जल संसाधन, लोक निर्माण, आपदा प्रबंधन आदि विभागों को दिए। 

अति वर्षा और बाढ़ से निपटने पहले से रखें तैयारी

वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक में संभागायुक्त श्री सिंह ने निर्देशित किया कि अति वर्षा और बाढ़ से निपटने के लिए सभी सम्बन्धित विभाग पहले से समस्त तैयारीयां करें। सभी जिलों में बाढ़ नियंत्रण कक्ष सक्रिय करने और प्रत्येक कार्य के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी नियुक्त कर त्वरित एक्शन के लिए आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। बैठक में आईजी अभय सिंह, सभी जिलों के कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक, होमगार्ड कमांडेंट, जल संसाधन विभाग के अधीक्षण यंत्री सहित अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। 

समयबद्ध रणनीति से बनाएं कार्योजना

संभागायुक्त ने सभी जिलाधीशों से कहा कि वे अपने-अपने जिलों के सभी जलाशयों की स्थिति का आकलन करें एवं अतिवर्षा की स्थिति में जलाशयों से पानी छोडऩे की विस्तृत और समयबद्ध रणनीति बनाएं। अचानक पानी छोडऩे की स्थिति नहीं आना चाहिए और बाध की स्थिति की लगातार समीक्षा कर कार्योजना बनाएं। बाढ़ की स्थिति ही पैदा न हो एवं हर डेम के लिए अलग-अलग नोडल अधिकारी भी बनाएं। संभागायुक्त ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के निर्देश दिए कि बांधों, जलाशय से पानी छोडऩे के पूर्व उसकी सूचना संबंधित जिले के कलेक्टर, एसपी, एसडीएम, रेल्वे अधिकारी को दी जाए। इसके अलावा संबंधित क्षेत्रों के निवासियों को पर्याप्त समय पूर्व सूचना दी जाए।