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38 सायबर कमांडो करेंगे नीट यूजी परीक्षा की निगरानी,डीजीपी ने पुलिस अधीक्षकों को दिए तीन दिन तक कोचिंग सेंटरों की निगरानी के आदेश
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भोपाल। मुख्यमंत्री की समीक्षा बैठक के बाद मप्र में फिर से होने वाली नीट परीक्षा की सुरक्षा को लेकर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा ने प्रदेश के प्रमुख पुलिस अधिकारियों और जिलों के पुलिस अधीक्षकों एवं भोपाल व इंदौर नगरीय पुलिस सेवा के पुलिस आयुक्तों की बैठक लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने सभी संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षकों और भोपाल व इंदौर के पुलिस आयुक्तों को निर्देशित किया कि स्थानीय कोचिंग सेंटर पर अगले तीन दिन वे सतत निगरानी रखें और छानबीन भी करें। परीक्षा से पहले प्रश्न पत्रों की को सुरक्षित स्ट्रांग रूप में रखने तथा किसी के भी प्रवेश से पहले तक सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और डीएफएमडी लगाने के निर्देश दिए।
अधिकारियों ने बताया कि नीट परीक्षा से संबंधित सम्पूर्ण व्यवस्था की निगरानी करने और पुलिस मुख्यालय के साथ समन्वय बनाने के लिए 38 सायबर कमांडों तैनात किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में 283 परीक्षा केंद्र बनाए गए है। जिसमें एक लाख 18 हजार अभ्यर्थी परीक्षा में सम्मिलित होंगे। यह केंंद्र राजधानी के अलावा इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में सबसे ज्यादा है। इसलिए इन जिलों के लिए विशेष सतर्क रहने पुलिस महानिदेशक ने आदेश दिए हैं। उन्होंने ‘पेपर लीक के प्रति शून्य सहिष्णुता’ नीति पर हर संभव निर्णय लेने कहा है। श्री मकवाणा ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा प्रश्नपत्रों के प्राप्त होने से लेकर उनके सुरक्षित भंडारण, परीक्षा केंद्रों तक परिवहन, परीक्षा संपन्न होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं एवं सामग्री की सुरक्षित वापसी तक संपूर्ण प्रक्रिया को पूर्णत: सुरक्षित एवं त्रुटिरहित बनाए रखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या सुरक्षा में चूक की कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।
सोशल मीडिया और संदिग्धों की होगी गिनानी
पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सभी पुलिस अधीक्षक 20 जून तक परीक्षा केंद्रों, प्रश्नपत्र भंडारण स्थलों एवं संबंधित बैंकों का स्वयं निरीक्षण करके सुरक्षा व्यवस्थाओं का परीक्षण करेंगे। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे, डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर, सुरक्षा बलों की तैनाती तथा अभ्यर्थियों की प्रवेश व्यवस्था का विशेष रूप से परीक्षण होना चाहिए। उन्होंने पेपर लीक, अफवाहों एवं अनुचित साधनों के उपयोग को रोकने के लिए साइबर निगरानी को और सुदृढ़ करने, सोशल मीडिया गतिविधियों पर सतत नजर रखने तथा पूर्व में परीक्षा संबंधी अपराधों में संलिप्त रहे व्यक्तियों एवं संदिग्ध तत्वों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए। डीजीपी ने कहा कि परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी पूर्ण संवेदनशीलता, समन्वय एवं जिम्मेदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।
तीन दिन तक होटल-लॉज की भी पड़ताल
पुलिस महानिदेशक श्री मकवाणा ने परीक्षा अवधि के दौरान होटल, लॉज, कोचिंग संस्थानों एवं अन्य संवेदनशील स्थानों की आवश्यक जांच करने बोला है। जिला स्तरीय समन्वय समितियां लगातार सक्रिय रहें तथा अंतिम 72 घंटों के दौरान विशेष सतर्कता बरती जाए। परीक्षा समाप्ति के बाद प्रश्नपत्रों एवं अन्य गोपनीय सामग्री की सुरक्षित वापसी प्रक्रिया को भी उतनी ही गंभीरता से संचालित किया जाए जितनी गंभीरता से परीक्षा पूर्व सुरक्षा व्यवस्था संचालित की जाती है।
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