राजधानी

Image Alt Text

विकसित मध्यप्रदेश पर आयोजित कॉन्क्लेव को मुख्यमंत्री ने किया संबोधित , बोले जो मप्र आता है, यहीं का होकर रह जाता है

राजधानी

भोपाल। मध्यप्रदेश की ये विशेषता है कि एक बार जो इस प्रदेश में आता है, यहीं का होकर रह जाता है। पिछले तीन साल से राज्य में विकास का कारवां लगातार आगे बढ़ रहा है। मध्यप्रदेश में नए उद्योग स्थापित करने के लिए पर्याप्त लैंड बैंक है। राज्य सरकार ने उद्योग अनुकूल वातावरण तैयार करने लिए पारदर्शी और उद्योग मित्र नीतियां लागू की हैं। मध्यप्रदेश की इन्हीं विशेषताओं के कारण निवेशक उद्योग लगाने के लिए राज्य में आ रहे हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बुधवार को राजधानी भोपाल में ‘विकसित मध्यप्रदेश’ पर आयोजित कॉन्क्लेव में शामिल उद्योगपतियों से राज्य में मौजूद निवेश संभावनाओं का लाभ उठाने का आह्वान करते हुए कही। कार्यक्रम में उद्योग व्यापार जगत के प्रतिनिधि, निवेशक, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि तथा नीति निर्माता शामिल हुए।

2047 तक अर्थव्यस्था में मप्र दे 2 ट्रिलियन का योगदान 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विकसित भारत ञ्च2047 और अर्थव्यवस्था को 30 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाने का संकल्प लिया है। राज्य सरकार का यह प्रयास होगा कि इसमें से लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर का योगदान मध्यप्रदेश का हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मध्यप्रदेश की गिनती देश के सबसे तेजी से प्रगति करने वाले राज्यों में हो रही है।  कॉन्क्लेव में लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह, सूक्ष्म लघु एवं उद्योग मंत्री चैतन्य काश्यप, मुख्य सचिव अनुराग जैन विशेष रूप से उपस्थित रहे। 

धरातल पर उतरे 10 लाख करोड़ के निवेश 

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोपाल में पहली बार ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 का आयोजन किया गया, जिसमें अभूतपूर्व निवेश प्राप्त हुआ और एमओयू साइन हुए। यह प्रसन्नता का विषय है कि 10 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों को राज्य सरकार धरातल पर ला चुकी है। मध्यप्रदेश की छवि कृषि प्रधान राज्य के साथ उद्योग मित्र राज्य की भी बनी है। राज्य सरकार ने वर्ष 2025 को उद्योग और रोजगार को समर्पित किया था। राज्य सरकार ने भी अपनी स्पेस-टेक पॉलिसी लॉन्च की है। मध्यप्रदेश को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं।