मध्यप्रदेश
मप्र लोक सेवा आयोग में लगभग 5 हजार प्रकरण लंबित, इसलिए सात गुना बढ़ाए अभिभाषक, तीनों उच्च न्यायालयों में सात-सात अभिभाषक करेंगे पैरवी
मध्यप्रदेश
भोपाल। मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग के उच्च न्यायालय की तीनों पीठों जबलपुर, ग्वालियर और इंदौर में लगभग 5 हजार प्रकरण लंबित हैं। लंबित प्रकरणों के शीघ्र निपटारे के लिए तीन अभिभाषकों द्वारा पैरवी संभव नहीं हो पा रही थी। इसलिए आयोग के अध्यक्ष ने लगभग डेढ़ दर्जन नए अभिभाषकों की नियुक्ति कर तीनों ही पीठों में सात-सात अभिभाषकों की सूची बनाई हैं। अब ये अभिभाषक अध्यक्ष के निर्णय के आधार पर अलग-अलग प्रकरणों में पैरवी करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से हुई कई भर्तियों में विवाद की स्थिति बनी है। कई प्रकरण न्यायालयों में लंबित हैं। अब तक उच्च न्यायालय जबलपुर पीठ में महाधिवक्ता प्रशांत सिंह, ग्वालियर खंडपीठ में शशांक इंदापुरकर और इंदौर खंडपीठ में वीपी खरे आयोग के प्रकरणों में पैरवी करते थे। अब आयोग ने तीनो ही पीठों में अभिभाषकों की सूची तैयार की है। इस सूची में पुराने और नए मिलाकर करीब 21 अभिभाषक शामिल हैं। इन नियुक्तियों के पीछे आयोग का उद्देश्य लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण है।
कार्यशाला में अभिभाषकों दिया मार्गदर्शन
मप्र राज्य लोक सेवा आयोग के विरुद्ध प्रकरणों में आयोग के पक्ष को मजबूती से रखने के लिए एवं विशेष मार्गदर्शन हेतु आयोग में नियुक्त किए गए अभिभाषकों की कार्यशाला शनिवार, 27 जून को आयोजित की गई। कार्यशाला में जबलपुर, इंदौर और ग्वालियर उच्च न्यायालयों के लिए नियुक्त सभी अभिभाषक शामिल हुए। कार्यशाला में आयोग के अध्यक्ष राजेश लाल मेहरा, सदस्य प्रो. नरेन्द्र कुमार कोष्ठी, सदस्य पिंकेश लता रघुवंशी और सचिव शीतला पटले,परीक्षा नियंत्रक डॉ. वीरेन्द्र कुमार गुप्ता सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए। आयोग के पदाधिकारियों ने लंबित प्रकरणों की स्थिति एवं उसके तथ्यों की जानकारी कार्यशाला में साझा की। उधर आयोग के अधिवक्ताओं शशांक इंदापुरकर, विशाल सनोठिया, आदित्य पचौरी सहित अन्य अधिवक्ताओं ने भी अपने विचार रखे।
‘आयोग के लगभग 5 हजार प्रकरण उच्च न्यायालयों में लंबित हैं। इनके शीघ्र निराकरण के उद्देश्य से तीनों ही पीठों में कुछ नए अभिभाषकों की नियुक्ति कर पैनल बनाए गए हैं।’
राजेश लाल मेहरा
अध्यक्ष-मप्र राज्य लोक सेवा आयोग
अन्य खबर
ट्रेंडिंग खबरें
राजधानी
30 नवम्बर को ही सेवानिवृत्त होंगे डीजीजी मकवाणा
28-10-26
अपराध
45 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़े जल संसाधन विभाग के लेखाधिकारी और बाबू
28-10-26
मध्यप्रदेश
सोम डिस्टिलरीज को सर्वोच्च न्यायालय से राहत, शराब लायसेंस को रिन्यू करने मप्र उच्च न्यायालय...
27-10-26
मध्यप्रदेश
20 दिन बाद वापस लौटी महिला, चिडिय़ाघर से पति को छोड़ प्रेमी के साथ मोटर...
27-10-26
राजधानी
जुआ के खेल में निपटे थाना प्रभारी, कार्रवाई में लापरवाही पर हुए निलंबित
27-10-26