राजनीति

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केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव में झुके दिग्विजय, साथ-साथ की पत्रकारवार्ता, बोले जीतू से कोई विवाद नहीं, मैंने उन्हें नहीं कहा दलाल

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भोपाल। उज्जैन में ट्रस्ट को भूमि आवंटन मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का तथ्यों के साथ खंडन कर दिग्विजय सिंह अपनी पार्टी में पूरी तरह घिर गए। आखिर केन्द्रीय नेतृत्व के दबाव में उन्होंने पटवारी के साथ पत्रकारवार्ता को साझा कर इस बात का खंडन किया कि उन्होंने दलाल शब्द का उपयोग जीतू पटवारी के लिए नहीं किया। साथ ही उन्होंने कहा कि जीतू से उनका कोई विवाद नहीं है। खास बात यह रही कि पत्रकारवर्ता में दिग्विजय सिंह अपनी कुर्सी पीछे खिसकाकर बैठे तथा जीतू के संबोधन के दौरान सिर झुकाए बैठे रहे। 

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नई दिल्ली में पत्रकारवर्ता आयोजित कर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तथ्यहीन आरोप लगाए थे कि उन्होंने अपने सांस्कृतिक सलाहाकार श्रीराम तिवारी की अध्यक्षता वाले वीर भारत न्यास को 500 एकड़ भूमि एक रुपये में लीज कर दी। स्वयं मुख्यमंत्री ने तो नहीं, लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने न केवल जीतू पटवारी के आरोपों का खंडन किया, बल्कि यह भी कह दिया कि कुछ दलाल लोग झूठे आरोप लगाकर ब्लैकमेलिंग का खेल खेलते हैं। उन्होंने जीतू पटवारी का नाम तो नहीं लिया, लेकिन चूंकि यह आरोप पटवारी ने ही लगाए थे, इसलिए अप्रत्यक्ष रूप से दिग्विजय सिंह का यह बयान पटवारी के लिए ही माना गया। 

न्यास भूमि मामले में दोनों मौन 

पटवारी और दिग्विजय सिंह के बीच सीधी लड़ाई और पटवारी को दलाल और ब्लैकमेलर कहे जाने की शिकायत कांग्रेस के केन्द्रीय नेतृत्व के पास पहुंची तो आखिर दिग्विजय सिंह को मंगलवार को प्रदेश कांगेस कार्यालय में पटवारी के साथ पत्रकारवार्ता में बैठकर सार्वजनिक रूप से स्पष्टीकरण देना पड़ा। हालांकि वीर भारत न्यास को आवंटित भूमि मामले में दोनों ही कुछ नहीं बोले। पत्रकारवर्ता में दोनों ने ही मुख्यमंत्री से भूमि मामले में स्पष्टीकरण की मांग की। 

15 को मुख्यमंत्री आवास का घेराव 

कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बताया कि पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति की बैठक में भी युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दे, किसानों को खाद-बीज उपलब्ध कराने में आ रही परेशानियों एवं उज्जैन भूमि प्रकरण पर आंदोलन को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि विधानसभा सत्र में भी मुख्यमंत्री से इस विषय पर जवाब मांगा जाएगा। जुलाई अंत में कांग्रेस कार्यकर्ता उज्जैन पहुंचकर विरोध दर्ज कराएंगे। 15 जुलाई को भोपाल में मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे। दिग्विजय सिंह ने भी कहा कि भूमि मामले को पार्टी तार्किक और लोकतांत्रिक तरीके से अंत तक उठाएगी।