राजनीति

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दतिया उप चुनाव में आशुतोष तिवारी बने भाजपा प्रत्याशी, देर रात या शुक्रवार तक घोषित हो सकता है कांग्रेस प्रत्याशी

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भोपाल। दतिया विधानसभा उप चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने आशुतोष तिवारी को प्रत्याशी घोषित किया है। 

भोपाल और ग्वालियर से भाजपा के पूर्व संभागीय संगठन मंत्री और मप्र हाऊसिंग बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष श्री तिवारी वर्तमान में भाजपा के प्रदेश प्रकोष्ठ प्रभारी रहे हैं। आशुतोष तिवारी छात्र जीवन से ही संघ में सक्रिय रहे। उन्होंने जमीनी स्तर के कार्यकर्ता के रूप में अपनी जीवन यात्रा शुरू की और बाद में भाजपा संगठन में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया। 

कांग्रेस के प्रत्याशी पर असमंजस 

दतिया विधानसभा उप चुनाव में निष्कासित विधायक राजेन्द्र भारती द्वारा पत्नी और बेटे के स्थान पर किसी अन्य को टिकट दिए जाने के प्रस्ताव बाद कांग्रेस के टिकट को लेकर असमंजस की स्थिति है। हालांकि शुक्रवार देर रात अथवा शनिवार तक कांगे्रस भी प्रत्याशी घोषित कर सकती है। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह और अवधेष नायक दोनों ही कांग्रेस के टिकट की दावेदारी कर रहे हैं।  घनश्याम सिंह शुक्रवार को नामांकन फार्म भी खरीद चुके हैं। दतिया उप चुनाव के लिए नरोत्तम मिश्रा, दामोदर यादव और उनके भाई केशव यादव सहित कुल 23 अभ्यर्थी नामांकन फार्म खरीद चुके हैं और तीन नामांकन शुक्रवार तक जमा भी हो चुके हैं। हालांकि श्री तिवारी का टिकट तय होने के बाद माना जा रहा है कि श्री मिश्रा अपना नामांकन वापस लेंगे। 

राजेंद्र भारती को उच्च न्यायालय से नहीं मिली राहत 

दतिया के पूर्व कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दिल्ली उच्च न्यायालय से राहत नहीं मिल सकी है। विधानसभा सदस्यता समाप्त किए जाने को लेकर न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय के इस निर्णय के बाद दतिया विधानसभा उपचुनाव पर लगी कानूनी अनिश्चितता भी खत्म हो गई है। 

उल्लेखनीय है कि 1 अप्रैल 2026 को दिल्ली की विशेष अदालत ने वर्ष 1998 के दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में राजेंद्र भारती को भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी (आपराधिक साजिश), 420 (धोखाधड़ी) तथा जालसाजी की धाराओं में दोषी ठहराया था। इसके बाद 2 अप्रैल 2026 को न्यायालय ने उन्हें तीन वर्ष के कारावास और अर्थदण्ड की सजा सुनाई थी। मामला दतिया सहकारी ग्रामीण विकास बैंक की एक एफडी में कथित हेराफेरी से जुड़ा था। आरोप था कि बैंक रिकॉर्ड में फेरबदल कर एफडी की अवधि बढ़ाई गई और उस आधार पर ब्याज राशि प्राप्त की गई। उस समय राजेंद्र भारती बैंक के संचालक मंडल के अध्यक्ष और संबंधित संस्थान के ट्रस्टी थे। उन पर पद और अधिकारों के दुरुपयोग का भी आरोप लगा था। सजा सुनाए जाने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी गई थी और दतिया विधानसभा सीट रिक्त घोषित कर उपचुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी। अब हाईकोर्ट द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद राजेंद्र भारती की अयोग्यता फिलहाल यथावत रहेगी। वहीं, दतिया विधानसभा उपचुनाव भी निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ेगा।