राजनीति

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नामांकन के बहाने दतिया में शक्ति प्रदर्शन आज, दोनों ही दलों के प्रत्याशी वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में आज भरेंगे पर्चा, मुख्यमंत्री भी होंगे शामिल

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भोपाल। दतिया विधानसभा उप चुनाव के लिए 13 जुलाई को नामांकन का अंतिम दिन है। दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के प्रत्याशी सोमवार को नामांकन दाखिल करेंगे। मतदान और परिणाम से पहले नामांकन में भीड़ जुटाकर दोनों ही दल शक्ति प्रदर्शन भी करेंगे। नामांकन में दोनों ही दलों के वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित अन्य वरिष्ठ नेता भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे। जबकि कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के नामांकन में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता शामिल होंगे। 

सीट बचाने कांग्रेस झोंकेगी ताकत 

मध्यप्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से 164 भाजपा और 64 कांग्रेस के पास हैं। हालांकि इन 64 में से भी बीना विधायक निर्मला सप्रे को कांग्रेस अपने पाले में नहीं मानती और विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा की विधायकी का प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन है। राजेन्द्र भारती के विधायक पद से निष्कासन पर खाली हुई दतिया सीट को फिर से जीतने के लिए कांग्रेस पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। कांग्रेस के राष्ट्रीय और प्रदेश नेतृत्व ने इसकी जिम्मेदारी प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को संयुक्त रूप से सौंपी है। हालांकि व्यक्तिगत संबंधों के चलते दिग्विजय सिंह भी घनश्याम सिंह के लिए मैदान में उतरने के लिए तैयार हैं। 

दतिया जीतने के लिए भाजपा ने की तैयारी 

दतिया विधानसभा सीट को जीतने के लिए भाजपा संगठन भी रणनीति बना चुका है। केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को उप चुनाव में मुख्य चुनाव प्रभारी नियुक्त किया है। वे चुनावी प्रचार-प्रसार और प्रबंधन का काम देखेंगे। पार्टी स्थानीय स्तर पर पार्टी के मजबूत संगठन और सरकार के कामों, योजनाओं तथा विकास के नाम पर समर्थन जुटाएगी। प्रत्याशी के प्रचार में मप्र के अलावा केन्द्र से भी वरिष्ठ नेता और मंत्रियों को लाने की तैयारी है। 

नरोत्तम को चुनाव जिताने की जिम्मेदारी 

आशुतोष तिवारी का टिकट तय होने के बाद दतिया में विरोध का जो घटनाक्रम देखने को मिला, उसके बाद से संगठन चुनाव को लेकर अधिक गंभीर और सक्रिय नजर आया। इधर नरोत्तम मिश्रा को मुख्यमंत्री निवास बुलाकर दतिया सीट को जिताने की जिम्मेदारी सौंप दी गई तो उसी समय प्रदेश प्रभारी डॉ. महेन्द्र सिंह दतिया में कार्यकर्ताओं के बीच पहुंचकर उनसे चर्चा करते रहे। पार्टी और संगठन पदाधिकारियों से चर्चा के लिए भोपाल पहुंचे मिश्रा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट कर चुके हैं कि वे स्वयं पार्टी के निर्णय के साथ हैं और सभी कार्यकर्ताओं को मना और समझाकर पार्टी द्वारा तय किए गए प्रत्याशी को जिताने के लिए ही काम करेंगे।