मध्यप्रदेश
खबर का असर: फर्जीडिग्री वाले बाबू नहीं बन सकेंगे एडीपीओ, डीपीसी से लौटाई फाइल, एसीएस ने भी ली कड़ी आपत्ति, अब होगी डिग्रियों की जांच
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- अनियमितता उजागर होने पर भी संचालनालय ने डीपीसी के लिए आधा सैकड़ा से अधिक नाम
भोपाल । एल.एल.बी. की फर्जी डिग्री से लोक अभियोजन संचालनालय और अधीन जिला कार्यालयों के बाबुओं को पदोन्नति नहीं मिलेगी। ‘हिडन पिक्चर न्यूज’ द्वारा डिग्रियों का फर्जीवाड़ा उजागर किए जाने के बाद विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) ने लिपिक वर्ग से सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी (एडीपीओ) पद पर पदोन्नति की फाइल को वापस कर दिया है। वहीं अपर मुख्य सचिव गृह संजय दुबे ने भी इस पद की पदोन्नति की फाइल पर आपत्ति लेते हुए फर्जी डिग्री मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।
उल्लेखनीय है कि विगत 6 जुलाई के अंक में ‘कानून की डिग्री के नाम पर फर्जीवाड़ा-सहायक अभियोजन अधिकारी बनने ड्यूटी के समय पर डिग्री कर गए बाबू’ शीर्षक से समाचार प्रकाशित किया था। समाचार में लोक अभियोजन संचालनालय एवं अधीन जिला कार्यालयों में पदस्थ कर्मचारियों द्वारा ड्यूटी के समय पर ही शासकीय और निजी महाविद्यालयों से एल.एल.बी. डिग्री पूरी करने जैसी अनियमितता को उजागर किया था। गड़बड़ी उजागर होने के बाद डीपीसी कमेटी और राज्य शासन ने इनकी पदोन्नति प्रक्रिया को अटका दिया है।
न्यायालय में लंबित प्रकरण की फाइल भी खुलेगी
विभागीय लिपिक (सहायक वर्ग-2) सीमा महाड़े की याचिका पर सुनवाई के दौरान इसी तरह की फर्जी डिग्रियों के मामले में तत्कालीन अपर मुख्य सचिव को फटकार लगाए जाने और फाइल को दबा दिए जाने को लेकर खुलासे के बाद गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय दुबे ने न केवल इन कर्मचारियों की पदोन्नति पर आपत्ति ली, बल्कि याचिका संबंधी न्यायालय के आदेश और प्रकरण संबंधी फाइल फिर से खोले जाने के निर्देश दिए हैं। याचिकाकर्ता द्वारा उल्लेखित प्रकरणों के अलावा अब 13 सालों की 162 डिग्रियों की जांच होगी।
गड़बड़ी उजागर फिर भी दौड़ी पदोन्नति की फाइल
सप्ताहभर पहले एलएलबी डिग्री का फर्जीवाड़ा उजागर किए जाने के बावजूद लोक अभियोजन संचालनालय ने अन्य तीन संवर्गों के साथ ही लिपिक वर्ग से एडीपीओ पद की पदोन्नति की फाइल मंत्रालय के माध्यम से विभागीय परीक्षा समिति के पास भिजवा दी। डीपीसी के लिए भेजे गए नामों में कुछ ऐसे कर्मचारियों के नाम भी शामिल थे, जिनकी उम्र 40 वर्ष से अधिक थी। जबकि 40 से अधिक उम्र के कर्मचारी विभागीय पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होते हैं। जानकारी के अनुसार रविवार, 12 जुलाई को नर्मदाभवन में हुई डीपीसी बैठक में कमेटी ने इस पद की पदोन्नति पर विचार करने से मना कर दिया। हालांकि डीडीपी से जेडी, डीपीओ से डीडीपी और एडीपीओ से डीपीओ पदों पर पदोन्नति को हरी झंडी दे दी।
‘लिपिक वर्ग से एडीपीओ पद की पदोन्नति संबंधी फाइल डीपीसी में गई थी, लेकिन अभी इस पर विचार के लिए कहा है। न्यायालय के आदेश के साथ-साथ डिग्री हेतु अनुमति के भी परीक्षण के निर्देश भी दिए गए हैं। डिग्री के समय संबंधित कर्मचारी कहां पदस्थ था, डिग्री कब-कहां से हुई, इसके परीक्षण के बाद ही इनकी डीपीसी हो सकेगी।’
बी.एल.प्रजापति
निदेशक, लोक अभियोजन संचालनालय, मप्र
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