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आजीविका मिशन से वापस लिया पूरक पोषण आहार का काम, महिला बाल विकास शुरूआत में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से खुद करेगा यह काम

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भोपाल। मध्य प्रदेश की आंगनबाडिय़ों में 6 महीने से 3 साल तक के बच्चों को दिए जाने वाला पूरक पोषण आहार (टेक होम राशन) के वितरण की व्यवस्था को आजीविका मिशन से वापस लेते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग को वापस दी गई है। अब विभाग स्वयं यह जिम्मेदारी संभालेगा। हालांकि तात्कालिक रूप से यह काम स्व-सहायता समूहों के माध्यम से कराया जाएगा। हालांकि भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देश जारी होने के बाद विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा। इस तरह का निर्णय मंगलवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लिया गया। 

उल्लेखनीय है कि अभी आंगनबाडिय़ों में पूरक पोषण आहार के वितरण की व्यवस्था पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित राज्य आजीविका मिशन को सौंपी गई थी। यहां महिला स्व सहायता समूहों के महासंघ द्वारा यह काम किया जा रहा था। अब महिला एवं बाल विकास विभाग स्वयं इस व्यवस्था को देखेगा। तात्कालिक व्यवस्था में महिला एवं बाल विकास विभाग यह काम चयनित स्व-सहायता समूहों से कराएगा। हालांकि बाद में भारत सरकार के नवीन दिशा निर्देशों के अनुसार विभाग स्थायी व्यवस्था स्थापित करेगा।

सात साल में पांचवीं बार बदली व्यवस्था

2018 में भाजपा की शिवराज सरकार ने पूरक पोषण आहार (टीएचआर) का काम एमपी एग्रो को सौंपा था। यहां निजी ठेकेदार पूरक पोषण आहार तैयार करते थे। हालांकि इसी वर्ष उच्च न्यायालय ने यह काम मप्र आजीविका मिशन के माध्यम से स्व-सहायता समूहों को सौंपने के निर्देश दिए थे। 2020 में कमलनाथ सरकार ने यह काम फिर से एमपी एग्रो का सौंप दिया था। सरकार बदलने पर 2022 में तत्कालीन शिवराज सरकार ने फिर से यह काम राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन को सौंप दिया था। अब डॉ. मोहन याव की सरकार ने एक बार फिर से व्यवस्था में बदलाव कर यह काम महिला एवं बाल विकास विभाग को सौंप दिया है। 

10800 करोड़ के विकास प्रस्तावों को मंजूरी 

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के के बुनियादी ढांचे और जन-कल्याण के लिए 10 हजार 800 करोड़ रुपये के विभिन्न विकास प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें शहरों के कायाकल्प के लिए नगरीय अधोसंरचना विकास मद में 8 हजार 445 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। मूंग उपार्जन के लिए 1,587 करोड़ रुपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति और सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए कुण्डलिया परियोजना को निरंतर रखने जैसे कई निर्णय लिए हैं। राजगढ़ में जल संसाधन विभाग की कुण्डलिया वृहद सिंचाई परियोजना के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरन्तर संचालन के लिए 245 करोड़ 45 लाख रूपये की स्वीकृत किए हैं। वाणिज्यिक कर विभाग के कार्यालय संचालन के लिए भी 521 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। 

यूजीसी से पहले होगी मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक 

 समान नागरिक संहिता (यूजीसी) विधेयक को 20 जुलाई से शुरू होने जा रहे मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में पेश करने से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में 18 जुलाई को राजधानी भोपाल के जगदीशपुर में मंत्रि-परिषद की विशेष बैठक होगी। इस बैठक में समान नागरिक संहिता के मसौदे को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद इसे विधानसभा में विधेयक के रूप में पेश किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से कहा कि वे विधानसभा सत्र के लिए पूरी तैयारी रखें। हर सवाल का तथ्यात्मक जवाब दें, ताकि जनता तक यह संदेश जाए कि सरकार उनके हित में लगातार काम कर रही है।

दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म लोकार्पित 

मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पंचायतों की ऑडिट प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, सरल और प्रभावी बनाने के लिए ‘दृष्टि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म’ लोकार्पित किया। इसके साथ ही पंचायत दर्पण पोर्टल पर पेमेंट गेटवे सुविधा का भी शुभारंभ किया।