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मेनिट के छात्रावास में विद्यार्थियों के बीमार होने की शिकायत पर जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने की कार्रवाई, खाद्य विभाग ने की रसोई से लेकर पानी की टंकी तक पड़ताल
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भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (मेनिट) भोपाल के दो छात्रावासों में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों के उल्टी, दस्त एवं फूड पॉइजनिंग की शिकायत के बाद शुक्रवार को जिला प्रशासन एवं खाद्य सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम ने संस्थान परिसर और छात्रावासों में रसोई से लेकर पानी की टंकी तक गहन निरीक्षण कर नमूने भी लिए।
मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी, जिला भोपाल के नेतृत्व में गठित खाद्य सुरक्षा दल ने मेनिट के दोनों छात्रावासों की मेस, रसोईघर, खाद्य भंडारण व्यवस्था, भोजन निर्माण प्रक्रिया, पेयजल व्यवस्था, आर.ओ. प्लांट, जल भंडारण टंकियों, स्वच्छता व्यवस्था एवं खाद्य व्यवसाय संचालन से संबंधित अभिलेखों का गहन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान संस्थान प्रशासन ने बताया कि विगत 11 जुलाई को जल भंडारण टंकियों की सफाई कराई गई थी तथा आर.ओ. प्लांट के फिल्टर भी बदले गए थे। इसके बावजूद निरीक्षण के दौरान पेयजल की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न करने वाली स्थिति देखने को मिली। आर.ओ. सिस्टम में गंदगी एवं पानी में सूक्ष्म काले कण मिलने पर पेयजल के संदूषण की संभावना को ध्यान में रखते हुए आर.ओ. आउटलेट एवं छत पर स्थित जल भंडारण टंकी से पानी के नमूने लेकर परीक्षण के लिए भेजे गए। निरीक्षण के समय आर.ओ. फिल्टर से प्राप्त पानी का टी.डी.एस. लगभग 118 मिग्रा/ली दर्ज किया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि केवल टी.डी.एस. के आधार पर पेयजल की सुरक्षा का निर्धारण नहीं किया जा सकता तथा इसकी वास्तविक गुणवत्ता का निर्धारण माइक्रोबायोलॉजिकल एवं रासायनिक परीक्षण के बाद ही संभव होगा।
निरीक्षण में इन स्थानों से लिए नमूने
छात्रावास क्र. 9 से तुअर दाल, काबुली चना, आर.ओ. फिल्टर से पेयजल और छत पर स्थित जल भंडारण टंकी के पानी के नमूने लिए गए। इसी प्रकार छात्रावास क्र. 11 से घी, कद्दू के बीज, इमली, मेस में उपयोग की जा रही अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री के नमूने लिए। सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण एवं जल परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। जहां खाद्य नमूनों एवं पेयजल की रासायनिक, सूक्ष्मजीवविज्ञान एवं टोटल कोलीफॉर्म, ई.कोलाई, टोटल प्लेट काउंट, पीएच, टर्बिडिटी, टी.डी.एस. गुणवत्ता संबंधी अन्य परीक्षण कराए जाएंगे।
निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताएं
छात्रावास क्र. 9 एवं छात्रावास क्र. 11 में वैभव फूड्स द्वारा आवश्यक वैध खाद्य लाइसेंस के बिना खाद्य व्यवसाय किया जा रहा था। छात्रावास क्र. 11 में केटरिंग एजेंसी द्वारा आवश्यक वैध राज्य लाइसेंस के बिना खाद्य पदार्थों का प्रसंस्करण एवं आपूर्ति की जा रही थी। खाद्य व्यवसाय में कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाण-पत्र निरीक्षण के समय उपलब्ध नहीं पाए गए। खाद्य हैंडलर्स के प्रशिक्षण संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं मेडिकल रिकॉर्ड संधारित नहीं मिला। कीट नियंत्रण संबंधी अभिलेख एवं रिकॉर्ड नहीं मिला। रसोईघर में विभिन्न स्थानों पर मकड़ी के जाले, अपर्याप्त स्वच्छता एवं हाउसकीपिंग में कमियां मिलीं। खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित अन्य आवश्यक रिकॉर्ड एवं दस्तावेज भी निरीक्षण के समय अपूर्ण मिले। इन कमियों के संबंध में संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों एवं संस्थान प्रबंधन को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
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