राजधानी

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मुख्यमंत्री ने ‘जयश्री राम’ उद्घोष के साथ शुरू किया संबोधन, यूसीसी विधेयक पास होने तक सदन में हंगामा करता रहा विपक्ष

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भोपाल । मध्यप्रदेश विधानसभा के बजट सत्र की दूसरे दिन की कार्रवाई हंगामेदार रही। प्रश्नकाल, ध्यानाकर्षण और विभागीय वाषिक प्रतिवेदनों के पटल पर रखे जाने के बाद जैसे ही यूसीसी पर चर्चा की शुरूआत हुई। विधायक अरिफ मसूद ने इसके विरोध में बात रखी। अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर ने जैसे ही पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से विधेयक पर चर्चा की बात कही। कांग्रेस विधायक दल ने हंगामा शुरू कर दिया। इस बीच विधानसभा की कार्यवाही को एक बार 10 मिनट और दूसरी बार 15 मिनट के लिए स्थगित भी करना पड़ा। हंगामे के बीच भाजपा विधायकों और मुख्यमंत्री ने यूसीसी के संबंध में अपनी बात रखी। मुख्यमंत्री ने अपना संबोधन ‘जयश्रीराम’ उद्घोष के साथ रखा। 

विधानसभा में विपक्ष के हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने नारे लगाते हुए कहा कि मुस्लिम तुष्टिकरण बंद करो। उन्होंने जय श्री राम का उद्घोष किया, तो इसके बाद पूरा सदन ‘जय श्री राम’ उद्घोष से गूंज उठा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो हिन्दू हित की बात करेगा, वही देश पर राज करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि 76 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं और 40 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम पुरुषों के अलावा ईसाई, सिख सहित सभी धर्म-संप्रदाय के लोगों ने यूसीसी का समर्थन किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मप्र की धरती पर वही रहेगा, जो एक विवाह करेगा। मप्र में धर्म के आधार पर अधर्म नहीं चलेगा। 

कुछ वर्गों में महिलाओं ने झेला अन्याय

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के तुष्टिकरण के कारण कुछ वर्गों के बच्चों और महिलाओं ने अन्याय झेले हैं। रिस्ते थोपे और निभाए जाते थे। बहिनें अपने अधिकारों के लिए लड़ रही थीं। उन्होंने कहा क माता-बहिनों के साथ धर्म के आधार पर समानता के पुण्य का मौका मिल रहा है। कांग्रेसी स्वयं कलंकित होना चाहते हैं। वोट बैंक के आधार पर कांग्रेस ने बार-बार तुष्टिकरण का चश्मा लगाया। 

मसूद का संशोधन प्रस्ताव अस्वीकृत 

यूसीसी विधेयक में संशोधन के लिए विधायक अरिफ मसूद और आतिफ अकील की ओर से संशोधन प्रस्ताव रखे। उनका कहना था कि संविधान की धारा 29, 30 में मुस्लिम समुदाय को मिले विशेष अधिकार प्रभावित होते हैं। उन्होंने विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की भी मांग की। हालांकि  अध्यक्ष श्री तोमर ने संशोधन प्रस्ताव बात रखने का अवसर भी दिया। मसूद ने कहा कि प्रस्ताव उन्होंने रख दिया है। इस प्रस्ताव पर मतदान कराया गया तो अल्पमत में होने से अस्वीकृत हो गया। अंत में मंत्री गौतम टेटवाल ने सदन में विधेयक को पास किए जाने का प्रस्ताव रखा। अध्यक्ष ने हाँ और न माध्यम से मतदान कराया, जिसमें प्रस्ताव बहुमत से पास हो गया। 

मसूद ने सदन में नेता प्रतिपक्ष से मांगा सहयोग

यूसीसी का विरोध कर रहे विधायक आरिफ मसूद को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कांग्रेस के दूसरे विधायकों का कितना सहयोग मिला, इस बात का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि सदन में विधेयक का विरोध करते हुए मसूद ने उमंग सिंघार को संबोधित करते हुए कहा, ‘नेता प्रतिपक्ष भी अनुरोध है कि हमने जो बात रखी है, उसे माना जाए।’ हालांकि इसके बाद उमंग सिंघार ने भी यूसीसी विधेयक को प्रवर समिति में भेजे जाने की मांग की। 

मप्र राजमार्ग संशोधन विधेयक भी पारित

समान नागरिक संहिता विधेयक के पास सदन में मध्य प्रदेश राजमार्ग संशोधन विधेयक 2026 को भी विधानसभा ने बहुमत से पारित कर दिया गया।

मंत्री ने स्वीकारी धान उपार्जन में गड़बड़ी 

विधायक अजय विश्नोई ने जबलपुर जिले के मझौली विकासखंड में शासकीय उपार्जन योजना में धान व गेहँू की राशि में सहकारी समिति द्वारा गड़बड़ी और किसानों का भुगतान नहीं होने का मुद्दा ध्यानाकर्षण के माध्यम से उठाया। खाद्य मंत्री गोविंद राजपूत ने स्वीकारा कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में सहकारी समिति मझौली द्वारा बनाए गए धान उपार्जन केन्द्र श्री जी वेयरहाऊस की जांच में लगभग 14934 क्विंटल धान की ई उपार्जन पोर्टल पर फर्जी एंट्री पाई गई। खरीदी प्रभारी एवं ऑपरेटर द्वारा 174 कृषकों से लगभग 14505 क्विंटल धान भौतिक रूप से उपार्जित नहीं पाई गई एवं ई-उपार्जन पोर्टल पर फर्जी एंट्री बताने से चिन्हित 174 किसानों को भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि फर्जी एंट्री 7 जनवरी 2026 से 13 जनवरी 2026 के बीच हुईं, जिनकी जांच तहसीलदार की अध्यक्षता में गठित 5 सदस्यीय समिति कर रही है। विश्नोई के आग्रह पर मंत्री राजपूत ने उन्हें शामिल कर जांच कमेटी गठित करने का आश्वासन दिया। विधायक सोहन लाल बाल्मीक ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से परासिया के ग्राम जमुनिया जेठू स्थित ग्रीन लाइट एसीसी ब्लॉक्स फैक्ट्री में हुए विस्फोट में घायल मजदूरों को आर्थिक सहायता राशि का भुगतान नहीं होने का मुद्दा उठाया। विभाग ने बताया कि क्षतिपूर्ति के प्रकरण श्रम न्यायालय में दायर किए जाने की कार्रवाई प्रचलित है। घटना और फैक्ट्री संचालन के संबंध में जांच कलेक्टर द्वारा कराई जा रही है। 

कांग्रेस विधायकों ने किया प्रदर्शन 

मध्यप्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन कांग्रेस विधायक दल ने समान नागरिक संहिता के विरोध को लेकर विधानसभा परिसर में सांकेतिक प्रदर्शन किया। संकेतिक मुर्दे जमीन पर लेटाकर किए गए प्रदर्शन में सरकार को निष्क्रिय बताने का प्रयास किया। सिंघार ने कहा कि भाजपा सरकार केवल हिंदू-मुस्लिम विवाद, यूसीसी और लव जिहाद जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाने का काम कर रही है।