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भोपाल में होगी महिला एशियन हॉकी चैम्पियन प्रतियोगिता, सरकार ने स्वीकृत किए 18.74 करोड़, मंत्रि-परिषद की बैठक में महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली मंजूरी

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भोपाल। राजधानी भोपाल के नाथू बरखेड़ा में स्थित अंतराष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉप्लेक्स में ‘महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी’ का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता में छह देशों की टीमें शामिल होंगी। प्रतियोगिता के संभावित व्यय के लिए राज्य मंत्रि-परिषद ने मंगलवार को 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति दी है। 

मंत्रि-परिषद के निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि हॉकी इण्डिया को अन्तर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ द्वारा देश में हॉकी खेल का संचालन, प्रोत्साहन और अन्तर्राष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय हॉकी प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए अधिकृत किया गया है। प्रतियोगिता वर्ष 2010 से निरन्तर 2 वर्ष के अन्तराल में आयोजित की जा रही है। इस प्रतियोगिता को आयोजित करने का मुख्य उद्द्देश्य एशियाई महिला हॉकी टीमों की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करना है। महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 में एशिया की प्रमुख 6 महिला टीमों भारत, चीन, जापान, मलेशिया, साउथ कोरिया, और थाईलैण्ड के लगभग 200 खिलाडी व सपोर्ट स्टॉफ के शामिल होने की संभावना है। यह अन्तर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता हॉकी इण्डिया और खेल और युवा कल्याण विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी। 

आईटी पार्कों के लिए 595 करोड़ स्वीकृत

मप्र के इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में स्थापित आईटी पार्क की स्थापना संबंधी योजना के लिए 595 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। आई.टी. पार्क एवं आई.टी. टावर्स की स्थापना से प्रदेश में आधुनिक तकनीकी अधोसंरचना का विकास होगा जिससे देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित कर निवेश एवं औद्योगिक गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा। इससे प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के व्यापक अवसर सृजित होंगे तथा 8000 से अधिक स्थानीय युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर मिलेंगे। अब तक इनसे लगभग 22 हजार युवाओ को रोजगार मिल चुका है। 

भोपाल में सीओई की स्थापना के लिए 17.90 करोड़ स्वीकृत 

मंत्रि-परिषद ने भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी पर आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (सीओई) की स्थापना के लिए कुल लागत 85 करोड़ 51 लाख रूपये में से 17 करोड़ 90 लाख रूपये को आगामी तीन वर्षों तक प्रदाय किए जाने की स्वीकृति दी है। इसके माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन प्रौद्योगिकी,यूएवी डिजाइन एवं निर्माण, स्वायत्त प्रणालियों तथा उन्नत अनुप्रयोगों पर अनुसंधान एवं नवाचार को बढावा दिया जाएगा। नई तकनीक के लिए एम.पी.एस.ई.डी.सी. एवं अन्य संस्थाओं को सहायता योजना के लिए 110 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य शासन एवं उसके विभिन्न विभागों को नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल समाधान उपलब्ध कराकर प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक दक्ष, पारदर्शी और उत्तरदायी बनाना एवं नागरिकों को त्वरित, सरल और सुरक्षित ऑनलाइन सेवाएं प्रदान करना है। 

मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय 

- सिंगरौली की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के लिए 111 करोड़ रुपये की स्वीकृति। 

- मंदसौर के मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 184 करोड़ रुपये की स्वीकृति। 

- ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त की स्थापना को मंजूरी

- मंदसौर के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सहित 9 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति

- भोपाल स्थित आर.सी.व्ही.पी. नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़ रुपये की स्वीकृति। 

- कर्मचारी कल्याण, पेंशन, भविष्य निधि और बीमा योजनाओं के लिए 982 करोड़ रुपये की स्वीकृति। 

- समर्थन मूल्य पर उपार्जन पर किसानों को बोनस भुगतान योजना की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक निरंतरता की स्वीकृति। 

- मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 में संशोधन की स्वीकृति

- मिशन शक्ति- उपयोजना सामथ्र्य अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास के लिए 198 करोड़ रूपये की स्वीकृति

- मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम 2011 में संशोधन की स्वीकृति

- उच्च न्यायालय,इंदौर के आदेश पर एक प्रकरण में संविदा नियुक्ति की अनुमति दी गई।