राजधानी

Image Alt Text

राजधानी के बाजारों में मिलावट बड़ा कारोबार? जांच पूरी नहीं, फिर भी 20 नमूने निकले फेल, 341 रिपोर्ट में उजागर हुआ मिलावट खेल

राजधानी

अभी 700 से ज्यादा नमूनों की जांच बाकी 

भोपाल। राजधानी में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच ने मिलावट की उस तस्वीर की झलक दिखा दी है, जो आगे और चिंताजनक हो सकती है। चार माह के दौरान लिए गए 1,057 खाद्य नमूनों में से अभी तक केवल 341 नमूनों की जांच रिपोर्ट ही आई है, लेकिन इन्हीं में 20 नमूने असुरक्षित, अमानक और मिथ्याछाप (मिसब्रांडेड) पाए गए हैं। यानी जिन नमूनों की रिपोर्ट सामने आई है, उनमें ही बड़ी संख्या में गड़बड़ी मिली है, जबकि 700 से अधिक नमूनों की जांच रिपोर्ट अभी आना बाकी है। ऐसे में बाजार में बिक रहे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर सवाल और गहरे हो गए हैं। 

हर तीसरे में सामने आया एक संदिग्ध नमूना

1 अप्रैल से 28 जुलाई तक खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने शहरभर में अभियान चलाकर 401 लीगल और 656 सर्विलांस नमूने लिए। जांच में अनियमितता मिलने पर 49 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें से 13 मामलों में दोष सिद्ध होने पर संबंधित कारोबारियों पर 2.05 लाख का अर्थदंड लगाया गया है। अब तक 30 हजार की वसूली भी की जा चुकी है। यह कार्रवाई बताती है कि विभाग लगातार निगरानी कर रहा है, लेकिन बाजार में नियमों की अनदेखी अभी भी जारी है। 

त्योहारी सीजन से पहले बढ़ी चिंता

रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और अन्य त्योहारों से पहले मिठाइयों, दूध, पनीर, घी, मसालों और खाद्य तेलों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में मिलावट की आशंका भी बढ़ती है। यही कारण है कि खाद्य सुरक्षा विभाग ने 246 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर गुणवत्ता और स्वच्छता की जांच की है तथा आने वाले दिनों में नमूने और जांच अभियान को और तेज करने की तैयारी है। 

बाजार पर निगरानी, उपभोक्ता भी रहें सतर्क

खाद्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि मिलावट के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार जागरूक उपभोक्ता हैं। पैकिंग, एक्सपायरी डेट, एफएसएसएआई लाइसेंस और उत्पाद की गुणवत्ता की जांच कर ही खाद्य सामग्री खरीदनी चाहिए। संदिग्ध खाद्य पदार्थ मिलने पर तत्काल शिकायत करने से मिलावट करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकेगी।