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झुग्गीवासियों को एक किमी के दायरे में मिलेंगे आवास
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झुग्गी पुनर्वास के लिए बननी है बहुमंजिला इमारतें, अभी दो स्थान चिन्हित, लेकिन तय नहीं
भोपाल। झुग्गी मुक्त राजधानी बनाने की दिशा में भोपाल जिला प्रशासन और नगर निगम के प्रयास अगले एक साल में भी धरातल पर उतरते नजर नहीं आ रहे हैं। हालांकि शासन-प्रशासन का प्रयास है कि झुग्गी पुनर्वास एक किमी परिक्षेत्र में की किया जाए। झुग्गी बस्ती के आसपास खाली पड़ी शासकीय भूमि पर निजी सहभागिता (पीपीपी मॉडल)से बहुमंजिला इमारतेंं तैयार कर वहां इन्हें विस्थापित किया जाए। हालांकि विगत 7 महीनों में जिला प्रशासन सिर्फ दो स्थान सिर्फ चिहिन्त कर सका है। अब तक न तो कोई स्थान तय हुआ है और न ही किसी निजी एजेंसी या ठेकेदार से इसके लिए अनुबंध हो सका है।
उल्लेखनीय है कि राजधानी में झुग्गी पुनर्वास योजना को सार्वजनिक निजी सहभागिता से धरातल पर उतारने की योजना है। इसके लिए शहर में झुग्गी बस्तियों के आसपास खाली पड़ी शासकीय भूमि को निजी एजेंसी को सौंपा जाएगा। एजेंसी उस भूमि पर आवासी और व्यवसायिक बहुमंजिला इमारतें तैयार करेगी। अनुबंध में अनुसार इन बहुमंंजिला भवनों के कुछ फ्लैट अथवा दुकानें निर्माणकर्ता एजेंसी उपयोग कर अथवा बेच कर अपना खर्च और लाभ निकाल सकेगी। जबकि अनुबंध के अनुसार बनाए गए शेष छोटे फ्लैट में प्रशासन झुग्गीवासियों का पुनर्वास करा सकेगा।
कोटरा और शाहजहांनाबाद में देखी भूमि
प्रशासन ने अरेरा हिल्स पर मंत्रालय (वल्लभ भवन) और नेहरू नगर क्षेत्र की झुग्गीबस्तियों के पुनर्वास के लिए शाहजहानाबाद और कोटरा-सुल्तानाबाद क्षेत्र में दो शासकीय भूमि देखी हैं। हालांकि इन भूमि पर पुनर्वास के लिए भवन बनाए जाने पर मोहर अब तक नहीं लगी है। भूमि को लेकर कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद ही नगर निगम, भोपाल निविदा के माध्यम से निजी एजेंसी से अनुबंध करेगा। नगर निगम की देखरेख में ही बहुमंजिला भवन तैयार होगा। इसके बाद ही झुग्गी खाली कराकर पुनर्वास हो सकेगा।
भोपाल शहर में एक लाख से ज्यादा झुग्गी
प्रशासनिक अनुमान के अनुसार भोपाल शहर में एक लाख से ज्यादा झुग्गियां हैं। राजधानी को झुग्गीमुक्त बनाने के लिए एक-एक कर सभी के पुनर्वास की योजना है। सबसे पहले मंत्रालय के आसपास की झुग्गियों के पुनर्वास किया जाएगा। इसके सर्वे का काम पूरा हो चुका है। प्रशासनिक अनुमान के अनुसार यहां करीब 39 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 9 झुग्गी बस्तियां हैं, जिसमें अनुमानित 15 हजार झुग्गियां हैं।
‘झुग्गी पुनर्वास के लिए जहांगीराबाद और कोटरा सुल्तानाबाद क्षेत्र में दो स्थान चिन्हित किए हैं। प्रयास है कि पुनर्वास संबंधित झुग्गी क्षेत्र के एक-डेढ़ किमी के दायरे में हो,जिससे विस्थापन में परेशानी न हो।’
दीपक पाण्डेय
एसडीएम सिटी, भोपाल
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