मध्यप्रदेश

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मंत्रि-परिषद में हुए महत्वपूर्ण निर्णय: 1757 करोड़ से बनेगा भोपाल-विदिशा फोरलेन राजमार्ग, सीहोर में बनेगा सोयाबीन शोध केन्द्र, देवास पटाखा फैक्ट्री दुर्घटना की होगी न्यायिक जांच

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में भोपाल-विदिशा फोरलेन मार्ग संबंधिी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनने वाली इस परियोजना की लागत 1757.55 करोड़ होगी। इस परियोजना में मौजूद 44.83 किमी लम्बी द्विमार्गी सडक़ को पेव्ड शोल्डर के साथ चार-लेन में विकसित किया जाएगा।

मंत्रि-परिषद में हुए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि फोरलेन होने के बाद यह मार्ग भोपाल-कानपुर हाईस्पीड कॉरिडोर के लिए महत्वपूर्ण फीडर कॉरिडोर के रूप में काम करेगा। इससे भोपाल, विदिशा, रायसेन और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन आसान होगा।

राजमार्ग पर बनेंगे तीन वायपास 

भोपाल-विदिशा फोरलेन परियोजना में तीन वायपास भी बनाए जाएंगे, जिनकी कुल लम्बाई 8.25 किमी होगी। इससे आबादी वाले क्षेत्रों में वाहनों का दबाव कम होगा और सडक़ दुर्घटनाओं की आशंका भी घटेगी। 

सीहोर में बनेगा सोयाबीन शोध केन्द्र 

सीहोर जिले के भाऊखेड़ी, इछावर में सोयाबीन शोध इकाई स्थापित किए जाने संबंधी प्रस्ताव को भी मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दे दी। इसके लिए सरकार 20 हेक्टेयर भूमि स्थायी पट्टे पर देगी। सरकार इस भूमि का भू-भाटक भी माफ करेगी। शोध केन्द्र के माध्यम से सोयाबीन क्षेत्र में अनुसंधान और उद्योग को बढ़ावा देने की योजना है।

दुर्घटना की जांच के लिए गठित होगा न्यायिक जांच आयोग 

देवास पटाखा फैक्ट्री में हुई दुर्घटना के मामले में न्यायिक जांच आयोग के गठन को कैबिनेट ने अनुसमर्थन दिया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय 

- भोपाल बायपास फोरलेन बीओटी टोल परियोजना में टोल वसूली को 2031 तक बढ़ाने की मंजूरी। 

- रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार की राशि को एक लाख से बढ़ाकर 2 लाख किए जाने संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी। 

बैठक में इन विषयों पर भी हुई चर्चा 

- वनोपज से जुड़े मजदूरों को मजदूरी के साथ लाभांश का वितरण स्थानीय समितियों के माध्यम से किया जाएगा। 

- पर्यटन विभाग के माध्यम से प्रदेश में होम स्टे इकोसिस्टम से जुड़े लोगों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। 

- मप्र पुलिस में 58 संवर्गों में 27,534 अधिकारी-कर्मचारियों की पदोन्नति के बाद रिक्त पदों से नई भर्ती को लेकर चर्चा। 

- मप्र में तीन औद्योगिक सुरक्षा बल गठित किए जाने संबंधी मुख्यमंत्री की घोषणा पर चर्चा। 

- किसानों को सिंचाई के लिए 10 घंटे बिजली उपलब्ध कराने को लेकर चर्चा। 

- प्रदेश के सांची ब्रांड के उत्पादन को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने के लक्ष्य को लेकर प्रयासों पर चर्चा।