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डामर-सीसी के मलबे पर कैसे पनपेंगे मासूम पौधे
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सिक्स लेन कोलार सडक़ पर एक बार फिर कंक्रीट पर पौधरोपण की तैयारी
भोपाल। भोपाल शहर के कोलार गेस्ट हाऊस से गोलजोड़ तिराहे के बीच लगभग 325 करोड़ रुपये से बनकर तैयार हो चुकी 15 किमी लम्बी कोलार सिक्सलेन सडक़ पर बारिश आते ही सरकारी पौधरोपण की तैयारी है। पिछली बारिश में भी इस सडक़ पर पौधरोपण हुआ था, लेकिन बारिश खत्म होते यहां एक भी पौधा जीवित नहीं रह सका।
उल्लेखनीय है कि कोलार सिक्सलेन सीसी सडक़ निर्माण के लिए ठेकेदार ने पुरानी डामर सडक़ को उखाड़ा। पुरानी सडक़ से निकले डामर कंक्रीट के मलवे को बाहर फिकवाने की बजाय निर्माण एजेंसी के ठेकेदार ने सडक़ के बीचों-बीच बनाए गए डिवाईडर में ऊपर तक भर दिया था। इस गलती को बाद में उस पर मिट्टी की पतली परत बिछा दी। पिछले साल भी कंक्रीट और डामर के मलबे से भरे इन डिवाईडरों पर पौधरोपण नहीं पनप सका और इस ठोस मलबे को निकाले बिना आगे भी यह असंभव नजर आता है। क्योंकि पौधों की जड़ें जैसे ही एक फीट नीचे जाएंगी, उन्हें खाद-मिट्टी नहीं, सीमेंट-कंक्रीट के मलबा मिलेगा, जिसमें पौधों का पनप पाना संभव नहीं है।
ठेकेदार ने सार्वजनिक स्थलों पर फेंका मलबा
सडक़ निर्माण एजेंसी लोक निर्माण विभाग की निविदा शर्तों के अनुसार ठेकेदार को पुरानी सडक़ के मलबे और सडक़ निर्माण के दौरान निकलने वाले सीसी या अन्य प्रकार के मलबे को अलग स्थान पर ले जाकर फेंकना था। लेकिन ठेकेदार से ज्यादातर मलबा या तो डिवाईडरों में ठिकाने लगा दिया अथवा सार्वजनिक स्थलों पर फेंक दिया। सर्वधर्म पुल से कालीमाता मंदिर चौराहा के बीच भोज मुक्त विश्वविद्यालय की दीवार तोड़ी गई है। विश्वविद्यालय की खाली पड़ी जमीन और पेड़ों के बीच में ठेकेदार ने कई टन मलबा फेंका है। इसे दूसरे स्थान पर फिकवाने का खर्च बचाने के लिए ठेकेदार ने इसे इस तरह ठिकाने लगाया।
भरे डिबाईडरों पर फिर डाली मिट्टी
कोलार सिक्सलेन सडक़ के सभी डिवाईडर भरे हुए हैं। इनमें मिट्टी डाले जाने की गुजाईश नहीं है। लेकिन बारिश में इन पर पौधरोपण से पहले मिट्टी की परत बिछाई जानी है। इसके लिए डिवाईडरों पर जगह-जगह मिट्टी के ढेर लगा दिए गए हैं। इसे बिछाया नहीं गया है। कई जगह यह मिट्टी सडक़ पर आकर राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन रही है।
ग्राीन कॉरिडोर बनाने की है तैयारी
कोलार सिक्सलेन निर्माण के लिए करीब चार हजार पौधे काटे गए थे। इस पर एनजीटी ने भी आपत्ति ली थी और निगरानी के लिए एक संयुक्त समिति भी गठित की थी। सडक़ निर्माण का काम पूरा होने के बाद नगर निगम, भोपाल की योजना कोलार सिक्सलेन सडक़ को ग्रीन कॉरिडोर के रूप में विकसित करने की है। इसके लिए करीब 10 करोड़ रुपये राशि से 15 किमी परिक्षेत्र में 20 हजार से अधिक पौधे लगाए जाने हैं। जून माह में बारिश आते ही पौधरोपण होगा। ग्रीन कॉरिडोर के बाद ही इस सडक़ का औपचारिक लोकार्पण भी होगा।
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