राजधानी

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शराब दुकानों में चल रहे अवैध बीयर-बार, अहाते

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राजधानी के होटल-ढाबों में अवैध शराबखोरी तलाशती घूम रही आबकारी टीम

भोपाल। राजधानी में पिछले एक माह से आबकारी विभाग की टीम उन अवैध मदिरालयों को तलाशने में जुटी है, जो होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट की आड़ में संचालित हो रहे हैं। आबकारी टीम ने ऐसे कई ठिकानों पर कार्रवाई कर प्रकरण भी पंजीबद्ध किए हैं। ठीक इसके उलट आबकारी टीम सरकार द्वारा आवंटित उन दुकानों पर संचालित अवैध अहातों बियर- बारों को अनदेखा कर रही है। स्थानीय आबकारी टीम की एक जगह सख्ती और दूसरी जगह अनदेखी का सीधा-सीधा फायदा उस शराब सिंडीकेट को पहुंच रहा है, जो खुद की कंपनी की बनी घटिया शराब 30 प्रतिशत तक महंगी कीमत पर ग्राहकों को टिपा रहा है।   

आबकारी विभाग की जिले की टीमें विगत करीब एक माह से लगभग हर दूसरे दिन शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में संचालित ढाबों, रेस्टोरेंट और होटलों पर छापामार कार्रवाई कर रही है। एक दिन में कई संस्थानों पर जांच के दौरान अवैध रूप से शराब बिक्री और मदिरापान कराए जाने के प्रकरण भी बनाए हैं। आबकारी विभाग द्वारा इस तरह की कार्रवाई शासन के राजस्व की चोरी रोकना और मदिरा दुकानों का ठेका लेने वाले ठेकेदारों को भी नुकसान से बचाना होता है। लेकिन विभागीग अमला उन दुकानों पर जांच पड़ताल से बच रहा है जो शासन के आदेश के विपरीत न केवल सुबह निर्धारित समय से पहले खुल रही हैं और रात में एक से डेढ़ घंटे देरी से बंद हो रही हैं। इसके अलावा शराब के शौकीनों को पीने के लिए बार की सुविधा भी अवैध रूप से उपलब्ध करा रहे हैं। 

शराब दुकान के पीछे सरकारी जमीन पर बनाया अहाता - बार 

शहर की शराब दुकानों के सामने-आसपास खुले बार तो हर जगह देखे जा सकते हैं, लेकिन कुछ शराब दुकानदार दुकान परिसर में ही शराबियों के लिए अलग से अहाता/बार की सुविधा भी उपलब्ध करा रहे हैं। मनीषा मार्केट स्थित इस कम्पोजिट मदिरा दुकान लायसेंस क्र. 09/2025/02003 का ठेका कैंटबरी ट्रेडर्स एलएलपी फर्म ने लिया है। इस दुकान को संचालित करने वाले ठेकेदार ने शराब दुकान के पीछे सरकारी जमीन घेरकर उस पर अवैध बार बना दिया है। ‘बार’ के लिए रास्ता दुकान के बगल से दिया गया है। पीछे से यह नजर नहीं आए, इसके लिए हरे रंग की मैटिंग और बाहड़ कर दी गई है। दुकान से शराब खरीदकर सैकड़ों की संख्या में शराब यहां शराब, चखना-चूरन साझा करते और जाम गटकते देखे जा सकते हैं। इसी तरह चूनाभट्टी स्थित लायसेंस क्रमांक 09/2025/0201 का ठेका भी कैटबरी ट्रेडर्स एलएलपी के पास ही है। यहां भी दुकान के पीछे बने बरामदे में शराब पीने वालों के लिए व्यवस्था की गई है। 

सुबह 7 बजे खुल जाती हैं कई दुकानें

मप्र में कम्पोजिट मदिरा दुकानों का खुलने का समय सुबह 9.30 बजे और बंद करने का समय 11.30 बजे तक का है। इसके विपरीत राजधानी में कई दुकानें सुबह 7 से 8 बजे के बीच खुल रही हैं। सुबह से ही इन दुकानों के सामने भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। 

कीमत से 33 रुपये ज्यादा में बिक रही विस्की
मनीषा मार्केट और चूनाभट्टी स्थित कम्पोजिट मदिरा दुकानों पर हर प्रकार की देशी-विदेशी मदिरा 30-35 प्रतिशत तक महंगी बेची जा रही हैं। यह केवल दो दुकानें ही नहीं नए शहर की अधिकांश दुकानों पर यही हाल है। विस्की की जिस बोतल पर कीमत ही अधिकतम 267 और न्यूनतम 232 रुपये अंकित है, उसे 300 रुपये में बेचा जा रहा है। ‘हिडन पिक्चर’ के पास इसके पुख्ता प्रमाण मौजूद हैं।  

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