राजधानी

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युवाओं ने छोड़े काले गुब्बारे, जेल से बाहर निकली भारत माता

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आपातकाल दिवस की पूर्व संध्या पर भोपाल में हुए आयोजन

भोपाल। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल की 25 जून को 50वीं बरसी है। भाजपा इसे देशभर में ‘आपातकाल एक काला अध्याय’ के रूप में मना रही है। वहीं भोपाल के युवाओं ने मंगलवार को आपातकाल दिवस की पूर्वसंध्या पर आसमान में काले गुब्बारे छोड़े और प्रतीकात्मक जेल से मीसाबंदियों के साथ भारत माता के बाहर निकलने का प्रदर्शन किया गया। 

भोपाल के शहीद गेट पर भाजपा गुरुनानक मंडल द्वारा आपातकाल के काले अध्याय के 50वें वर्ष पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में एक प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। एक प्रतीकात्मक जेल बनाई गई। इस जेल से सबसे पहले भारत माता के रूप में एक बालिका बाहर आई। इसके बाद मीसाबंदी और 50 युवा काला दिवस लिखी हुई काली टी-शर्ट पहने हुए, काली पट्टी सिर पर धारण किए प्रतीकात्मक जेल से बाहर निकले। इसके बाद 50 काले गुब्बारे हवा में छोड़े गए।

आपातकाल में आमजन पर हुए थे अत्याचार

कार्यक्रम आयोजन समिति के सदस्य राकेश कुकरेजा ने कहा कि आपातकाल एक काला अध्याय था, जिसने भारतीय लोकतंत्र को हिलाकर रख दिया था। इस दौरान नागरिकों के अधिकारों का हनन हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया गया। कई लोगों को जेल में डाला गया और विरोध करने वालों पर अत्याचार हुए। आपातकाल की यादें आज भी हमें लोकतंत्र की महत्ता और अधिकारों की रक्षा के महत्व को याद दिलाती हैं। कार्यक्रम में मीसाबंदी, समाजसेवी, राजनेता और समिति पदाधिकारी उपस्थित रहे।