राजनीति

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प्रदर्शनी में दिखे आपातकाल के अत्याचार

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भाजपा कार्यालय में बनी प्रतीकात्मक जेल, संविधान पीछे छुपाती इंदिरा गांधी की तस्वीर 

भोपाल। 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा देश में लगाए गए आपातकाल की 50वीं बरसी को भारतीय जनता पार्टी ने  ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया। प्रदेश भाजपा कार्यालय में बुधवार को आपातकाल की प्रतीकात्मक जेल तैयार की गई, जिसकी मुख्य दीवार पर एक तरफ पीछे की ओर संविधान की पुस्तक छुपाती इंदिरा गांधी की तस्वीर, जबकि दूसरी तरफ लिखा है- ‘कांग्रेस द्वारा लगाए गए आपातकाल के काले अध्याय का 50वां वर्ष।’

प्रदर्शनी में आपातकाल में हुए संविधान संशोधन 

भाजपा द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी में आपातकाल के दौरान किए गए संविधान संशोधनों को समझाया गया है। इसमें ‘38वां संशोधन’ के माध्यम से ‘सत्ता को जवाबदेही से मुक्त करने की चाल’, कार्यपालिका को अदालती निगरानी से पूरी तरह मुक्त किए जाने, नागरिकों के मौलिक अधिकारों की न्यायिक रक्षा की संभावना भी खत्म किए जाने तथा ‘39वां संशोधन’ में प्रधानमंत्री के चुनाव को न्यायिक समीक्षा से बाहर करना, इंदिरा गांधी का चुनाव बचाने के लिए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले को रातों-रात पलटे जाने तथा 5 दिन में संविधान संशोधन की पूरी प्रकिया पूरी किए जाने का घटनाक्रम उल्लेखित किया गया है। भोपाल में आपातकाल की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में केन्द्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। आपातकाल की 50वीं बरसी के उपलक्ष्य में भाजपा ने प्रदेशभर में जिला स्तर पर कार्यक्रम आयोजित किए और इस दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाया। 

जेलों में कड़वे अनुभवों के साथ नेताओं के चित्र 

प्रदर्शनी में केन्द्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, स्व. अरुण जेटली, स्व. जॉर्ज फर्नाडिस, लाल कृष्ण आडवाणी और अटल बिहारी वाजपेयी के साथ आपातकाल में किए गए दुव्र्यवहार और जेल के अनुभवों को बताते हुए पोस्टर लगाए गए हैं।