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अतिक्रमण की चपेट में कोलार सिक्सलेन का फुटपाथ

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एक साल देरी फिर भी पूरा नहीं हुआ काम, लोकार्पण से दौड़ रहे वाहन

भोपाल। राजधानी के कोलार सिक्स लेन प्रोजक्ट के लिए तीन साल पहले फुटपाथों पर जमे जिस अतिक्रमण और अस्थायी दुकानों को हटाया गया था, सडक़ प्रोजक्ट के पूरा होने से पहले ही यहां एक बार फिर से अतिक्रमण पैर पसारने लगा है। भोज विश्वविद्यालय के सामने मुख्य सडक़ के फुटपाथ पर कई अस्थायी एवं स्थायी अतिक्रमण नजर आने लगे हैं। 

उल्लेखनीय है कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले ही 222 करोड़ रुपये लागत से 15 किमी लम्बी कोलार सिक्सलेन सडक़ का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। 29 अक्टूबर 2022 को इस सडक़ का भूमिपूजन तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था। लोक निर्माण विभाग द्वारा बनाई गई इस सडक़ का निर्माण कार्य सितम्बर 2024 से पहले पूरा होना था। सडक़ निर्माण कार्य तो करीब छह महीने पहले पूरा हो चुका है, लेकिन ग्रीन कॉरिडोर सहित कई काम अभी पूरे नहीं हो सके हैं। इसलिए अब तक इस सडक़ परियोजना का लोकार्पण अब तक नहीं हो सका है। 

ढाई साल पहले विरोध के बीच हटे थे अतिक्रमण 

कोलार सिक्सलेन प्रोजक्ट में बाधक चूनाभट्टी से डी-मार्ट के बीच कई स्थायी-अस्थायी अतिक्रमणों को प्रशासन ने सख्ती से हटाया था। इस दौरान दिग्विजय सिंह सहित कई कांग्रेसी नेताओं ने प्रशासन की कार्रवाई का विरोध भी किया था। हालांकि इस विरोध के बाद प्रशासन ने सिर्फ उतने ही अतिक्रमण साफ किए, जहां तक सडक़ निर्माण होना था। चूनाभट्टी तिराहे के पास, नवनिर्मित सडक़ किनारे बनी नाली पर झुग्गीवासियों ने फिर से अतिक्रमण कर लिया है। इसी तरह भोज विश्वविद्यालय की दीवार के बाहर से हटाई गई अस्थायी दुकानों की जगह एक बार फिर से अस्थी-अस्थायी अतिक्रमण नजर आने लगा है। 

अतिक्रमण पर प्रशासन और नगर-निगम मौन! 

शहर में अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई के बड़े-बड़े दावे कर रहा नगर निगम और जिला प्रशासन अलग-अलग स्थानों पर जमती झुग्गियों-गुमटियों पर मौन है। कोलार सिक्सलेन रोड से दोनों ही विभागों के अधिकारी हर दिन गुजर रहे हैं, लेकिन दोनों ही विभागों के अधिकारी स्वमेव इस पर कार्रवाई का निर्णय नहीं ले रहे हैं। अतिक्रमणकारियों की संख्या बढऩे पर इन्हें यहां से हटाना आसान नहीं होगा। 

10 करोड़ से विकसित होना है ग्रीन कॉरिडोर 

15 किमी लम्बी कोलार सिक्सलेन रोड के बीचों-बीच करीब 3 मीटर चौड़ाई के सेंट्रल वर्ज में नगर निगम के माध्यम से पेड़ लगाकर 10 लाख रुपये की लागत से 20 हजार पौधे एवं बड़े पेड़ लगाकर अगले तीन माह में ग्रीन कॉरिडोर विकसित करना है। सडक़ पर कुछ स्थानों पर हाल में पौधरोपण भी किया गया है, लेकिन मिट्टी की पतली परत और नीचे ठेकेदार द्वारा भरे गए सीमेंट-कंक्रीट के कचरे के बीच यह कितना सफल होगा, यह तो बारिश के बाद ही पता चल सकेगा। 

‘शहर में कहीं भी अतिक्रमण नहीं होंगे, अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई कराएंगे। कोलार सिक्सलेन सडक़ पर अतिक्रमण मेरे संज्ञान में लाया गया है, अधिकारियों को निर्देशित कर इसे दिखवाते हैं।’ 

किशन सूर्यवंशी, अध्यक्ष, नगर पालिक निगम, भोपाल

‘कोलार सिक्सलेन सडक़ का निर्माण लोक निर्माण विभाग कर रहा है। अतिक्रमण चिन्हित करने की जिम्मेदारी उसी विभाग की है। उस विभाग के  अधिकारी अगर फुटपाथों पर अतिक्रमण की शिकायत निगम में करते हैं, तो हम कार्रवाई करेंगे।’

हरेन्द्र नारायण सिंह, आयुक्त, नगर निगम भोपाल