राजधानी

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विश्रामगृह नहीं, सेवा गृह, जनकल्याण के लिए चिंतन कर सकेंगे विधायक

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मुख्यमंत्री के अतिथ्य में हुआ नवीन विधायक विश्रामगृह भवन के पहले चरण का भूमिपूजन, मुख्यमंत्री बोले 

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य अतिथ्य और विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में सोमवार को विधायक विश्रामगृह परिसर में विधायकों के लिए अत्याधुनिक नवीन विधायक विश्रामगृह के प्रथम चरण का भूमिपूजन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा, कि प्रदेश में जो सौगातें जुड़ रही हैं, वे सिर्फ निर्माण नहीं हैं, एक नई चेतना का सृजन कर रही हैं। यह विश्रामगृह नहीं, सेवा गृह है-जहां विधायक सुविधाओं के साथ जनकल्याण की योजनाओं पर गंभीरता से चिंतन कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर विश्रामगृह के द्वितीय चरण की भी घोषणा की। 

अगला प्रयास विधानसभा को ई-विधानसभा बनाना: तोमर 

विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि बदलते समय में मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक जनप्रतिनिधि के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि 1958 में यह भवन बना था और मेरा जन्म 1957 में हुआ था। समय के साथ यह भवन अब अपनी उपयोगिता खो चुका है, नए भवन की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी। विधानसभा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताते हुए कहा कि हमारे राज्य को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री लगातार प्रयासरत हैं। वे चुनौतियों को स्वीकार कर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने विदेश यात्राओं पर गए। उन्होंने कहा कि अब अगला प्रयास विधानसभा को ई-विधानसभा के रूप में विकसित करने का है।               

हम विश्रामगृह में खुद करते थे सफाई, अब अत्याधुनिक

संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि नवीन विश्रामगृह में विधायकों को अत्याधुनिक तकनीकी से सुसज्जित सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपने क्षेत्र में तेजी से विकास कार्य कर सकें। उन्होंने कहा कि 1989 में जब मैं विधायक बना था, तब बस से सफर कर भोपाल पहुंचते थे। विश्रामगृह में खुद सफाई करते थे। आज हम उस दौर से आगे निकलकर तकनीकी रूप से सक्षम हो चुके हैं। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, श्रीमती कृष्णा गौर, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम एवं सीताशरण शर्मा, विधायक भगवानदास सबनानी, रामेश्वर शर्मा, विष्णु खत्री, महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। 

18 महीने में बनकर तैयार होंगी भूकंपरोधी इमारतें

लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि  नया विश्रामगृह भूकंपरोधी होगा और केवल 18 महीनों में बनकर तैयार होगा। उन्होंने कहा कि विधायकों को महज 125 वर्गफीट में तीन कमरे या अधिकतम 700 वर्गफीट तक के फ्लैट मिलते हैं, लेकिन अब उन्हें इससे चार गुना बड़े और आधुनिक सुविधाओं से लैस फ्लैट दिए जाएंगे। यह विकास राजधानी भोपाल में विधानसभा परिसर के पास 14.66 एकड़ जमीन पर किया जा रहा है, जिसमें पांच टॉवर बनाए जाएंगे। 

विधायकों को मिलेगी यह सुविधाएं 

- परियोजना के पहले चरण में 4 लाख वर्गफीट भूमि पर 159 करोड़ रुपये लागत से 5 चरणों में कुल 102 फ्लैट बनेंगे।

- प्रत्येक फ्लैट स्वतंत्र आवास होगा और उसका आकार लगभग 2615 वर्गफीट होगा। 

- प्रत्येक टॉवर में दो लिफ्ट, पार्किंग और ग्रीन जोन जैसी सुविधाएं होंगी। - प्रत्येक फ्लैट में प्राकृतिक वायु एवं प्रकाश और निजता का विशेष ध्यान रखा गया है। 

- हर विधायक को फर्नीचर सहित तीन बेडरूम, ड्राइंग रूम, डायनिंग एरिया, स्टडी रूम, विधायक कार्यालय, मॉड्यूलर किचन और दो बालकनी होंगी। 

- विधायकों के निजी स्टाफ, पीएसओ कक्ष, जिम एवं योग केन्द्र एवं 80 व्यक्तियों के लिए आगंतुक कक्ष बनाया जाएगा। 

- 102 वाहनों की कवर्ड पार्किंग एवं 148 वाहनों की खुले में पार्किंग की व्यवस्था। 

- परियोजना में सोलर ऊर्जा प्रणाली, सीवेज ट्रीटमेंट एवं रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली, फायर अलार्म, सीसीटीवी कैमरों की निगरानी रहेगी। 

- यहां दिव्यांग व्यक्तियों के लिए रैंप का प्रवधान रहेगा।