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कार्यकर्ताओं से भेंट के लिए मोर्चा-प्रकोष्ठ भी बनाएंगे साप्ताहिक कार्यक्रम!

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प्रदेश अध्यक्ष की समझाइश का असर, पदाधिकारियों ने की राजधानी प्रवास में कटौती 

भोपाल। भाजपा के प्रदेश और जिला पदाधिकारियों की पहली ही कामकाजी बैठक में नव-निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा दी गई समझाइश का असर प्रदेश भाजपा कार्यालय में नजर आने लगा है। पार्टी कार्यालय में नेताओं की भीड़ धीरे-धीरे कम होती दिख रही है। प्रदेश अध्यक्ष श्री खंडेलवाल ने जिस तरह सोमवार का दिन प्रदेश कार्यालय में कार्यकर्ताओं से भेंट के लिए आरक्षित रखा है। अब मोर्चा-प्रकोष्ठों के अध्यक्ष और संयोजक भी प्रदेश अध्यक्ष की तरह सप्ताह में एक दिन राजधानी में प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं से भेंट के कार्यक्रम तय करने पर विचार कर रहे हैं। 

क्यों जरूरी है साप्ताहिक भेंट कार्यक्रम? 

प्रदेशभर में पार्टी और मोर्चा-प्रकोष्ठ पदाधिकारियों के नियमित प्रवास नहीं हो पाते हैं। ऐसी स्थिति में प्रदेश पदाधिकारी से मिलने के लिए कार्यकर्ता को समय नहीं मिल पाता है। सप्ताह में निर्धारित एक दिन प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारी की उपलब्धता की सूचना पर कार्यकर्ता राजधानी पहुंचकर भेंट कर सकेंगे और अपनी बात रख सकेंगे।    

तीन मोर्चों के अध्यक्ष बने मंत्री-सांसद, होंगे बदलाव! 

प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल जल्द ही अपनी टीम में पर्याप्त बदलाव कर सकते हैं। इस दौरान मोर्चा-प्रकोष्ठों में भी पर्याप्त बदलाव की संभावना है। 

भाजपा के सात मोर्चों में से महिला मोर्चा की अध्यक्ष श्रीमती माया नारौलिया और किसान मोर्चा के अध्यक्ष चौधरी दर्शन सिंह सांसद चुने जा चुके हैं। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष नारायण सिंह कुशवाह राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री हैं। सांसदों की दिल्ली में व्यस्तता और मंत्री की कैबिनेट व शासन की बैठकों में व्यस्तता के चलते संगठनात्मक दायित्वों का निर्वहन गंभीरता से नहीं हो पाता है। ऐसी स्थिति में पूरी संभावना है कि संगठन की मूल इकाई के साथ-साथ मोर्चा-प्रकोष्ठों में भी पर्याप्त बदलाव होगा। 

जमीन से जुड़ी होगी प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम 

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की शुरूआती कार्यशैली से पता चलता है कि वे नए ऊर्जावान कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पार्टी से टूट चुके पुराने और जमीनी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर चलना चाहते हैं। जिलों में प्रवास के दौरान वे पुराने कार्यकर्ताओं को न केवल खोज रहे हैं, बल्कि व्यक्तिगत मुलाकात कर उनकी बात भी सुन रहे हैं। माना जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष की इन जमीनी भेंट-मुलाकातों का प्रभाव उनकी प्रदेश कार्यकारिणी में भी स्पष्ट नजर आएगा। नए जमीनी कार्यकर्ताओं के साथ-साथ पुराने, उपेक्षित और काम करने के इच्छुक कार्यकर्ताओं को वे संगठन में फिर से अवसर दे सकते हैं।  

‘प्रदेशभर की मोर्चा की बहिनों के लिए पार्टी कार्यालय में मोर्चा की कार्यालय मंत्री, सह कार्यालय मंत्री सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहते हैं। मैं स्वयं भी यथासंभव प्रत्येक सोमवार-मंगलवार को स्वयं मैं भी पार्टी कार्यालय में उपलब्ध रहकर प्रदेशभर की मोर्चा कार्यकर्ताओं की समस्याओं और सुझावों को सुनूंगी। 

श्रीमती माया नारौलिया (सांसद)

प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा महिला मोर्चा 

‘पार्टी प्रदेश अध्यक्ष ने सभी पदाधिकारियों को क्षेत्र में उनकी भूमिका के निर्वहन की बात कही थी। पार्टी कार्यक्रमों, बैठकों के लिए ही भोपाल में रहता हँू। शेष दिनों में मैं नियमित प्रवास करता हँू। कार्यकर्ताओं से मुलाकात का पार्टी का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम है।  भोपाल प्रवास के दौरान कार्यकर्ताओं से मिलता हँू।’ 

वैभव पवार

प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा युवा मोर्चा