Breaking News:
मध्यप्रदेश
शहर तक आसान होगी जंगल और बीहड़ के गांवों की पहुंच
मध्यप्रदेश
-20 आवास वाले मजरे भी जुड़ेंगे सडक़ से
भोपाल। पथरीले और दुर्गम क्षेत्र में बसा श्योपुर का प्रतापगढ़ हो या फिर घाटीगांव के परपटे का पुरा के बाद घने जंगल में बसे गांव हों, यहां अभी भी चार पहिया वाहन से जाना बेहद कठिन है। अब ऐसे दुर्गम क्षेत्र में बसे गांव भी शहर से जुड़ सकेंगे। बीहड़ और जंगल के सुदूर क्षेत्र में बसे गांवों तक सडक़ पहुंचाने के लिए सरकार ने दस वर्ष का समय तय किया है। सडक़ बनाने का यह कार्य मुख्यमंत्री मजरा-टोला सडक़ योजना के अंतर्गत दो चरण में होगा। पहले चरण में वर्ष 2029-30 तक का समय रखा गया है। इसके बाद वर्ष 2034-35 तक बाकी के कार्य पूरे कराए जाएंगे। योजना की मॉनीटरिंग का जिम्मा मध्यप्रदेश ग्रामीण सडक़ विकास प्राधिकरण को दिया गया है।
इस तरह होगा कार्य
-जिन गांवों में सडक़ की जरूरत सबसे ज्यादा है, उनको प्राथमिकता सूची में सबसे ऊपर रखा जाएगा।
-प्रत्येक विधानसभा के स्तर पर बसाहटों की सूची तैयार कराई जाएगी।
-सांसद,विधायक,जिला पंचायत सदस्यों से चर्चा के बाद प्राथमिकता तय होगी।
-प्राथमिकता सूची बनने के बाद कलेक्टर के माध्यम से अंतिम सूची तय होगी।
यह मिलेगा फायदा
-जिन मजरों में कम से कम 20 घर और 100 से अधिक जनसंख्या है, उनको सूची में शामिल किया जाएगा।
-सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा को बसाहटों की प्राथमिकता सूची में शामिल किया जाएगा।
-सुदूर क्षेत्र में बसी बस्तियों के रहवासियों का बारह महीने शहरी क्षेत्र से जुड़ाव रहेगा।
अन्य खबर
ट्रेंडिंग खबरें
व्यापार
4 हजार क्विंटल से अधिक चीनी का भंडार नहीं रख सकेंगे डीलर
01-09-26
मध्यप्रदेश
रात 8 बजे चढ़ता है पतीला, रात 12 बजे मासूमों का भोजन तैयार, ठेकेदार की...
01-09-26
मध्यप्रदेश
मासूमों के पोषण आहार में फर्जीवाड़े के खुलासे से परेशान डीपीओ बोलीं गड़बड़ी पर मैं...
01-09-26
राजधानी
अंशुमन यादव बने एडीजी इंटेलीजेंस, चंचल शेखर डायरेक्टर खेल विभाग, मप्र में बदलीं वरिष्ठ आईपीएस...
29-08-26
मध्यप्रदेश
ठेकेदार गटक रहे मासूमों का पोषण आहार, ग्वालियर में मासूमों को गर्म भोजन और महिला...
29-08-26