राजनीति

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ई-रिक्शा प्रतिबंधित करने के विरोध में आम आदमी पार्टी ने किया प्रदर्शन

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भोपाल। राजधानी में ई-रिक्शा को 12 मार्गों पर प्रतिबंधित करने के प्रशासन के निर्णय के विरोध में गुरुवार को आम आदमी पार्टी आप की जिला इकाई ने प्रदर्शन किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में ई-रिक्शा रैली जिसंी धर्मकांटा से रैली के रूप में शुरू होकर कलेक्टर आफिस पहुंची और यहां ज्ञापन दिया।
आप के प्रदेश मीडिया प्रभारी मिन्हाज आलम ने कहा कि यह केवल ट्रैफिक का मुद्दा नहीं, बल्कि हज़ारों ई-रिक्शा चालकों की रोज़ी-रोटी से जुड़ा मसला है। बिना कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए प्रशासन का मुख्य मार्गों से ई-रिक्शा हटाना अन्यायपूर्ण है। हमारा आंदोलन जारी रहेगा।
11 हजार में से केवल 8727 ही पंजीकृत, बाकी अवैध
भोपाल में करीबन 11,000 ई-रिक्शा संचालित हैं, इनमें से अधिकांश के पास परमिट नहीं है। नगर निगम में पंजीकृत करीबन 8727 ई- रिक्शे ही है। बाकी ई-रिक्शे बिना पंजीयन के अवैध रूप से चल रहे है। नगर निगम में पंजीकृत आंकड़ों के अनुसार राजधानी में 2022-23 में 2,541, 2023-24 में 3,129 और 2024-25 में अभी तक 3,057 ई-रिक्शा पंजीकृत है।
राजधानी में बिना पूर्व सूचना दिए ई- रिक्शा वालों के विरोध प्रदर्शन से आम नागरिकों को भारी परेशानी हुई। दरअसल बोगदा पुल पर मेट्रो कार्य के चलते प्रभात चौराहा तरफ जाने- आने के लिए जहांगीराबाद चौराहा, जिंसी रोड होकर सुभा, अडंरपास या आरओबी का एकमात्र रास्ता है। ऐसे में ई-रिक्शा वालों के प्रदर्शन से और सबन चौराहा सहित आसपास के इलाकों में करीब डेढ़ घंटे तक भारी जाम की स्थिति रही। ट्रैफिक जाम के कारण स्थानीय लोगों और स्कूल जाने वाले बच्चों और ऑफिस जा रहे नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस प्रशासन लगातार यातायात सुचारु करने की कोशिशों में जुटा रहा।
प्रतिबंध ट्रायल फेज आधार पर लागू
ट्रैफिक पुलिस ने लिंक रोड नंबर-1, वीआईपी रोड और बोट क्लब पर ई-रिक्शा की आवाजाही पर रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 23 जुलाई से ट्रायल फेज के तौर पर एक सप्ताह के लिए लागू है। अधिकारियों के अनुसार इस अवधि में ट्रैफिक पर प्रभाव का अध्ययन कर फिर इनको स्थायी रूट चार्ट तैयार कर दिया जाएगा।
कॉलोनियों में कनेक्टिीविटी के लिए है ई-रिक्शा
बता दें कि यातायात सुरक्षा समिति की बैठक में ट्रैफिक पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ई-रिक्शा शुरू करने का उद्देश्य था कि वे कॉलोनियों से सिटी बस स्टॉप तक कनेक्टिविटी दें, लेकिन अब ये मुख्य मार्गों पर चलने लगे हैं, जिससे ट्रैफिक बाधित हो रहा है। शासन ने ई-रिक्शा को परमिट की छूट दी हुई है, इसलिए उनके संचालन को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन नहीं है।