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सर्वोच्च न्यायालय से शाह को फिर मिली फटकार, माफी अस्वीकार

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-एसआईटी ने मांगा 13 अगस्त तक का समय
-कांग्रेस नेत्री पद से हटाने वाली याचिका खारिज

भोपाल। भारतीय सेना के कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी करने के मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने मंत्री विजय शाह द्वारा मांगी गई माफ को अस्वीकार कर दिया है। न्यायालय ने एक बार फिर शाह को फटकार लगाते हुए कहा कि माफी वाले वीडियो में शाह ने जनभावनाओं को ठेस पहुंचाने की बात स्वीकार नहीं की। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा वह आत्मचिंतन करें कि अपनी सजा कैसे चुकाएं। आपकी वह सार्वजनिक माफी कहां है? न्यायालय ने मामले की जांच कर रही एसआईटी को 13 अगस्त तक का समय दिया है।
सर्वोच्च न्यायालय में सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जॉयमाल्या बागची की बेंच ने शाह के मामले में सुनवाई की। न्यायालय शाह की सार्वजनिक माफी को खारिज करते हुए कहा कि इससे हमें उनकी ईमानदारी पर और शक होता है। उनका बयान दर्ज करने की क्या जरूरत है? जिन लोगों को प्रताडि़त किया गया है, उनके बयान दर्ज होने चाहिए थे। न्यायालय ने  कांग्रेस नेत्री डॉ. जया ठाकुर की याचिका को खारिज कर दिया। हालांकि एसआईटी को निर्देश दिए हैं कि जांच में याचिका के बिंदुओं को भी शामिल करें। न्यायालय ने एसआईटी से विस्तृत जांच रिपोर्ट के संबंध में पूछा तो एसआईटी ने 13 अगस्त तक का समय मांगा है।
उल्लेखनीय है कि 11 मई को इंदौर जिले महू के रायकुंडा गांव में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय कार्य विभाग के मंत्री विजय शाह ने कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित बयान दिया था। जिस पर मप्र उच्च न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लेकर मंत्री पर पुलिस में देशद्रोह समेत अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कराया था। इसके खिलाफ शाह ने सर्वोच्च न्यायालय में शरण ले रखी है।