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खनिज अधिकारी की बीच सडक़ पर मिली लाश

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दुर्घटना में मौत या कोई दूसरी वजह पता लगा रही पुलिस 

भोपाल। खनिज विभाग के एक अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। वे बीच सडक़ पर जख्मी हालत में लोगों को मिले थे। राहगीरों ने उन्हें एम्बुलेंस की मदद से अखिल भारतीय आर्युविज्ञान संस्थान में भर्ती कराया। जहां कुछ घंटे तक चले इलाज के बाद उनकी मौत हो गई। मौत का पता चलने के बाद बागसेवनिया थाना अपने यहां का घटनास्थल मानने के लिए राजी नहीं थी। घटनास्थल एम्बुलेंस के वाहन चालक से मिले फोन नंबर से प्रमाणित हो सका। 

पुलिस के अनुसार संजय सौलंकी पिता सीए सौलंकी उम्र 50 साल मिसरोद थाना क्षेत्र स्थित निखिल नगर में रहते थे। वह सहायक खनिज अधिकारी के पद पर तैनात थे। उनकी पत्नी इंदौर में जॉब करती हैं। इस कारण वहां उनका पूरा परिवार रहता है। वह मिसरोद में अकेले ही रहते थे। संजय सौलंकी 28—29 जुलाई की दरमियानी रात लगभग तीन बजे आरआरएल तिराहे से पूर्व बीच सडक़ पर बेसुध हालत में मिले थे। उनकी इलाज के दौरान मंगलवार सुबह आठ बजे मौत हो गई थी। संजय सौलंकी के पास से सरकारी दस्तावेज मिले थे। जिसके जरिए उनकी पहचान की जा सकी। घटना को लेकर मामले की जांच करने एसआई मनोज शर्मा मौके पर पहुंचे थे। पुलिस को पहले लगा कि घटना दूसरी जगह हुई है। इसलिए एम्बुलेंस में तैनात पायलट से उस व्यक्ति का नंबर लिया गया जिसने कॉल करके बुलाया था। पुलिस ने उससे संपर्क किया तो उसने जगह पुलिस को बताई। इससे साफ हो गया है कि संजय सौलंकी की मौत बागसेवनिया इलाके में हुई है। पीएम भोपाल एम्स अस्पताल में कराया गया। पुलिस टीम संजय सौलंकी के मोबाइल कॉल डिटेल मिलने का इंतजार कर रही है। ताकि यह साफ हो सके कि आखिरी वक्त में उनके साथ कौन था। इसके अलावा बागसेवनिया पुलिस को पीएम रिपोर्ट मिलने का भी इंतजार है। दरअसल, मौके पर सडक़ दुर्घटना से संबंधित कोई सबूत नहीं मिले हैं।