मध्यप्रदेश

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जनता से कर वसूली, शासन को घाटा दे रहीं पंचायतें

मध्यप्रदेश

- स्थानीय निधि संपरीक्षा ने उजागर किए त्रिस्तीय पंचायतराज संस्थाओं के गबन-घोटाले 

- जनता से उगाही कर पैसा दबा गए अधिकारी-कर्मचारी 

भोपाल। त्रिस्तरीय पंचायतराज संस्थाओं पर संचालक स्थानीय निधि संपरीक्षा (डायरेक्टर लोकल फंड ऑडिट) के वर्ष 2020-21 के वार्षिक समेकित संपरीक्षा प्रतिवेदन में जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों के अधिकारियों-कर्मचारियों द्वारा किए गए कई गबन-घोटाले और आर्थिक अनियमितताएं उजागर की हैं। प्रतिवेदन में बताा गया कि वर्ष 2020-21 की अवधि के जिन 11 जिला पंचायतों, 48 जनपद पंचायतों और 4690 ग्राम पंचायतों में ऑडिट किया गया। उनमें गंभीर अनियमिताएं और लेखांकन त्रुटियों को इस ऑडिट में शामिल किया गया। ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2021 की स्थिति में विगत संपरीक्षा प्रतिवेदनों में लंबित आपत्तियों की संख्य क्रमश: 52 जिला पंचायतों में 7715 आपत्तियां, 313 जनपद पंचायतों में 70,0,11 और 22813 ग्राम पंचायतों में 994661 आपत्तियां लंबित हैं। इनका निराकरण वित्त विभाग के आदेश पर वर्ष 2017 में जारी निर्देशों के अनुसार गठित समिति के अनुमोदन पर किया जा सकेगा। 

योजनाओं में 16.86 करोड़ की अनियमितता

प्रदेश की जिला/जनपद और ग्राम पंचायत स्तर पर केन्द्र व राज्य सरकार की प्रधानमंत्री आवास, संबल, पिछड़ा क्षेत्र अनुदान निधि, मनरेगा, भवन संनिर्माण कर्मकार कल्याण जैसी योजनाओं के ऑडिट में में कई आर्थिक अनियमितताएं मिलीं। ऑडिट रिपोर्ट में कुल 16 करोड़, 86 लाख 34 हजार 320 रुपये की अनियमितता मिली है। 

पंचायत निधि में 12.18 लाख का गबन

10 जनपद पंचायतों के कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं से पंचायत निधि की राशि 12 लाख 18 हजार 297 वसूलकर जमा नहीं कराया। इनमें जिला पंचायत मुरैना, बड़वानी, सिवनी एवं जनपद पंचायत अमरवाड़ा, पाली, पलेरा, गोहपारु, ग्राम पंचायत मंगोलीखुर्द, निवारी एवं बरगांवमल शामिल हैं। 

पंचायत निधि में 75.62 लाख की आर्थिक क्षति 

13 जिला एवं जनपद पंचायतों ने दुकान/भवन किराए पर देकर समय-सीमा में किराए में वृद्धि नहीं की गई। इस तरह पंचायत निधि में 75 लाख 62 हजार 632 रुपये की क्षति पहुंचाई। इनमें पांच जिला पंचायतें सिवनी, उज्जैन, सीधी, टीकमगढ़ और बड़वानी शामिल हैं। इसके अलावा 8 जनपद पंचायत शामिल हैं। 

14.43 करोड़ का अनियमित भुगतान 

तीन जिला पंचायतों उजैन, सीधी, और बड़वानी के अलावा 13 जनपद पंचायतों और ग्राम पंचायतों ने शासन के आदेशों, खरीदी एवं भुगतान नियमों का उल्लंघन करते हुए अनियमितताएं की और शासन को 14 करोड़, 43 लाख 62 हजार, 722 रुपये का अनियमित भुगतान किया। तीन जिला पंचायतों में 2 लाख 53 हजार 749 रुपये, जनपद पंचायतों में एक करोड़, 55 लाख 95 हजार एक सौ रुपये और ग्राम पंचायतों में 12 करोड़, 85 लाख 13 हजार 882 रुपये के अनियमित भुगतान हुए। 

16.74 लाख का दोहरा भुगतान 

दो जनपद पंचायत अमरवाड़ा और जबलपुर सहित 15 ग्राम पंचायतों मे देयकों का दोहरा भुगतान कर 16 लाख 74 हजार 286 रुपये की अनियमितता की। यह राशि वसूली की जानी है, लेकिन अब तक भुगतानकर्ता पर अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं हो सकी है। 

विभागीय कामों पर खर्च की पंचायत निधि की राशि 

बड़वानी जिला पंचायत सहित 10 जनपद पंचायतों ने तत्कालीन आवश्यकता को ध्यान में रखकर पंचायत निधि से राशि एक करोड़ 82 लाख 57 हजार 365 रुपये खर्च कर दी। लेकिन विभागों से यह राशि नहीं वसूली जा रही है। 

5.98 करोड़ का नहीं हुआ अग्रिम समायोजन 

11 जिला पंचायतों ने अपने कर्मचारियेां को दिए अग्रिम भुगतान राशि से 4 करोड़, 19 लाख 30 हजार, 883 और 31 जनपद पंचायतों ने एक करोड़, 76 लाख 47 हजार 868 रुपये तथा 5 ग्राम पंचायतों द्वारा 2 लाख 25 हजार 500 रुपये का समायोजन अब तक नहीं किया है। 

करों की कटौती में 42.19 लाख की क्षति 

5 जिला पंचायतों और 21 जनपदों ने केन्द्र व राज्य शासन के करों का कटौत्रा नहीं किया। इस तरह शासन को 42 लाख 19 हजार 188 रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाई। 

ऑडिट में यह भी मिली अनिमितता

- अनुदान रािश 10 करोड़, 75 लाख 53 हजार, 694 रुपये का उपयोग गैर अनुमत्य कार्यों किया गया। 

- अनुदान राशि की निर्धारित सीमा से 70 करोड़, 83 लाख 68 हजार 890 करोड़ रुपये अधिक खर्च किए। 

- मप्र भंडार क्रय तथा सेवा उपार्जन नियम 2015 का पालन नहीं कर 111 करोड़, 53 लाख 79 हजार 711 रुपये का अनियमित भुगातन हुआ। 

- ग्राम पंचायतों द्वारा किए गए 34 करोड़ 01 लाख 64 हजार 421 रुपये के भुगतान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले। 

- जिला पंचायत सागर-मत्स्य पट्टा ठेका की राशि 10650 बकाया। 

- जिला पंचायत दमोह- 8,60,000 रुपये दुकानों की प्रीमियम राशि। 

- जिला पंचायत टीकमगढ़- 4,34,353 रुपये तालाब लीज राशि। 

- जिला पंचायत मुरैना-19019 रुपये जलाशय लीज राशि। 

- जिला पंचायत विदिशा-10,65,500 रुपये  पंचायत भवन किराया राशि 

15 जनपदों की 1.36 करोड़ की वसूली लंबित 

जनपद पंचायत खरगोन, हर्रई (छिंदवाड़ा), अमरवाड़ा, नारायणगंज, साईंखेड़ा, विजयराघवगढ़, बहोरीबंद, सांईखेड़ा, गोहपारू, सागर, पृथ्वीपुर, पलेरा, खाचरौद, पोहरी और बम्होरी विभिन्न मदों की 1 करोड़ 36 लाख 82 हजार 211 रुपये की वसली नहीं कर सकीं। 

59 जपं ने वसूले 9.29 करोड़, नहीं माना शासन का आदेश 

भोपाल की जनपद पंचायत बैरसिया और फंदा, टिमरनी, केसला, औबेदुल्लागंज, नरसिंहगढ़, आष्टा, इच्छावर, सीहोर, मुरार, नरवर, खंडवा, कसरावद, किरनापुर, लांजी, मण्डला, बिछिया, नैनपुर, पनागर, शाहपुरा, सिहोरा, सोहागपुर, अमरपाटन, नागौद, करकेली, रायपुर कर्चुलियान, मैहर, ब्यौहारी, सागर, खुरई, मालथौन, केसली, रहली, राजनगर, शाहगढ़, राहतगढ़, पवई, नौगांव, छतरपुर, आगर, बडौद, मंदसौर, मल्हारगढ़, सीतामऊ, भानपुरा, गरोठ, मनासा, जावद, नीमच शाहपुरा, मोमन बडोदिया, शुजालपुर, कालापीपल, उज्जैन, बडऩगर, खाचरौद, महिदपुर, तराना, घटिया में अलग-अलग करों के रूप में 9 करोड़, 28 लाख 61 हजार 289 रुपये की वसूली तो की गई, लेकिन आय वृद्धि हेतु शासन के आदेश का पालन नहीं किया गया।  

इन जनपद पंचायतों ने नहीं की कर वसूली 

अलीराजपुर जिले की जनपद पंचायत अलीराजपुर/जोबट/क_ी-वाड़ा/सोडवा, खंडवा जिले की हरसूद एवं पंधाना, झाबुआ जिले की झाबुआ, मेघनगर, पेटलवद, रामा, राणापुर एवं थांदला, बुरहानपुर जिले की खकनार एवं बुरहानपुर, इंदौर जिले की महू, इंदौर और सांवेर, खरगोन जिले की खरगोन, गोगावा, झिरन्या, बड़वाह, भगवानपुरा, भीकनगांव, महेश्वर एवं सेगांव, धार जिले की नलछा, सरदारपुर, डमरबन, डही, तिरला, निसरपुर, बाग, कुक्षी एवं धमनपुरी, सागर जिले की सागर, खुरई, रहली, देवनी एवं पवई तथा रतलाम जिले की नरसिंहपुर, कटनी, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, सिवनी, रतलाम और देवरस ने कर वसूली नहीं की।