राजनीति

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फैसला ‘भगवा आतंकवाद’ कहने वालों के मुंह पर तमाचा

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मालेगांव प्रकरण में बरी होकर भोपाल पहुंची प्रज्ञा ठाकुर का भव्य स्वागत

भोपाल। महाराष्ट्र के नासिक जिले के मालेगांव में हुए बम धमाकों में आरोपों से मुक्त होने के बाद पहली बार भोपाल पहुंची पूर्व सांसद प्रज्ञा ठाकुर का शहर में भव्य स्वागत हुआ। भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों के बीच मालाएं पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया। 

रविवार को भोपाल पहुंचने पर राजा भोज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से चर्चा करते हुए साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि न्यायालय का यह फैसला हिंदुत्व और धर्म की जीत है। यह भगवा की विजय है। हमारे शास्त्रों में लिखा है ‘सत्यमेव जयते’, आज वह सिद्ध हुआ। जो लोग ‘भगवा आतंक’ की बात करते थे, उन्हें समाज और देश ने करारा जवाब दिया है। साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्हें झूठे बयान देने के लिए प्रताडि़त किया गया। कुछ लोगों के नाम लेने के लिए कहा गया, लेकिन मैं झुकी नहीं।

उल्लेखनीय है कि मालेगांव धमाकों के प्रकरण में विशेष न्यायालय ने विगत 31 जुलाई को साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, लेफ्टिनेंट कर्नल प्रसाद पुरोहित सहित सभी सात आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया। 

कांग्रेस की साजिश थी मालेगांव विस्फोट

साध्वी प्रज्ञा ने कहा कि मैंने किसी का भी नाम नहीं लिया और इसलिए मुझे महाराष्ट्र एटीएस के तत्कालीन अधिकारियों के इशारे पर हिरासत में लेकर बहुत प्रताडि़त किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने अपने एक विशेष वोट बैंक को खुश करने के लिए मालेगांव ब्लास्ट केस में ‘भगवा आतंकवाद’ का नैरेटिव स्थापित करने की कोशिश की। उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने हमेशा मुसलमानों के लिए तुष्टिकरण की राजनीति अपनाई है। उन्होंने हिंदुओं को हर तरह से प्रताडि़त किया, उन्हें जेल में डाला और उन पर झूठे मुकदमे लगाए। भगवा आतंकवाद और हिंदुत्व आतंकवाद जैसे नाम गढ़े। कांग्रेस ऐसी ही ओछी मानसिकता रखती है।  2008 का मालेगांव विस्फोट कांग्रेस की साजिश थी और देशद्रोह के बराबर है। प्रज्ञा ने कहा कि मेरे साथ जो हुआ है उस पर मैं कार्रवाई तो करूंगी, आगामी दिनों देखूंगी क्या करना है।