राजधानी

Image Alt Text

मुख्य सचिव को लेकर फिलहाल कोई सुगबुगाहट नहीं

राजधानी

-न किसी नए अधिकार का नाम तय, न सेवावृद्धि का प्रस्ताव भेजा

- राज्यपाल मंगुभाई पटेल से मुख्य सचिव अनुराग जैन ने राजभवन में सौजन्य मुलाकात की।

भोपाल। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन 12 दिन बाद 31 अगस्त को सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इस बीच उन्हें सेवावृद्धि मिलती है तो उनका कार्यकाल आगे बढ़ेगा। फिलहाल न तो जैन की सेवावृद्धि का कोई प्रस्ताव तैयार हुआ है और न ही नए मुख्य सचिव के नाम पर मुहर लगी है। ऐसे में अगले प्रशासनिक मुखिया को लेकर नौकरशाही में चर्चा जोरों पर है। बताया गया कि पिछली बार की तरह इस बार भी मुख्य सचिव का फैसला आखिरी समय में होगा।
बेशक मुख्य सचिव को लेकर अभी तक स्थिति साफ नहीं है, लेकिन मुख्य सचिव के दावेदार अधिकारियों के नाम की चर्चा प्रशासनिक गलियारों में जोरों पर है। जिसमें सबसे प्रमुख नाम अपर मुख्य सचिव राजेश राजौरा (1990) का नाम है। इसके साथ ही 1990 बैच की आईएएस अलका उपाध्याय का नाम भी शामिल है। यदि 1990 बैच के अधिकारियों के नाम पर सहमति नहीं बनती है तो फिर 1991 बैच के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल भी मुख्य सचिव हो सकते हैं। वर्णवाल के पास वन विभाग के साथ-साथ कृषि उत्पादन आयुक्त का भी जिम्मा है। यह भी चर्चा है कि यदि वर्णवाल मुख्य सचिव नहीं बनते हैं, तो उन्हें गृह विभाग की कमान सौंपी जा सकती है। अपर मुख्य सचिव गृह जेएन कंसोटिया इसी महीने सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
अधिकारियों में चर्चा जोरों पर
नए मुख्य सचिव को लेकर प्रदेश की नौकरशाही में चर्चा जोरों पर है। मुख्य सचिव की दौड़ में शामिल अधिकारियों की सक्रियता पर नजर रखी जा रही है। जिलों से लेकर राजधानी एवं दिल्ली तक के अधिकारी मुख्य सचिव के निर्णय को लेकर फीडबैक ले रहे हैं। चूंकि राज्य सरकार ने अभी तक मुख्य सचिव को लेकर किसी तरह की फाइल नहीं बनाई है। न ही कोई पत्राचार किया है।