राजधानी
गणेश पंडाल बनाने को लेकर मुस्लिम बहुल इलाके में विवाद
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- पार्षद बोले सहमति बना ली गई, थाना प्रभारी का कहना मुझे नहीं पता
- रहवासियों ने तीन दिन पहले ही दे दिया था थाने में आवेदन
भोपाल। गणेश उत्सव बुधवार से शुरु होने जा रहे हैं। इसी दौरान मिलाद उन नबी भी है। इसलिए थानों में शांति सुरक्षा समितियों की बैठक ली जा रही है। इसके बावजूद ऐशबाग के मुस्लिम बहुल इलाके में गणेश पंडाल बनाने को लेकर तीन दिन पूर्व ही विवाद गहरा गया। मुस्लिम पक्ष सरकारी संपत्ति में पंडाल लगाने का विरोध कर रहा है। वहीं पुलिस थाने को इस बात की खबर ही नहीं हैं। जबकि स्थानीय भाजपा पार्षद का दावा है कि मामले में सहमति बना ली गई है।
जानकारी के अनुसार जगन्नाथ कॉलोनी के पास हाऊसिंग बोर्ड कॉलोनी में पार्क की जमीन आरक्षित हैं। इस जमीन पर कुछ समय पूर्व पहले आंगनबाड़ी बना दी गई। ऐसा करने के खिलाफ कॉलोनी के रहवासियों ने उच्चतम न्यायालय ने यथास्थिति बरकरार रखने के आदेश 03 जुलाई, 2025 को पारित किए हैं। रहवासियों का कहना था कि यहां सोची समझी रणनीति के तहत कब्जा किया जा रहा है। पहले अवैध सब्जी मंडी फिर आंगनबाड़ी की आड़ में रहवासियों के लिए आरक्षित पार्क की जमीन पर निर्माण किया गया। इस आदेश की प्रतिलिपि के साथ 21 अगस्त को रहवासियों ने ऐशबाग थाने में शिकायत की थी। रहवासियों को आशंका है कि जमीन पर राजनीतिक प्रभाव से जुड़े लोग अपने वोट बैंक के लिए कब्जा करना चाहते हैं।
इधर, रविवार शाम लगभग चार बजे आंगनबाड़ी के नजदीक गणेश पंडाल बनाने के लिए काम शुरु किया गया। ऐसा करने पर रहवासी एकत्र हो गए और यह करने के खिलाफ नाराज हो गए। यह पूरा क्षेत्र मुस्लिम बहुल भी है। यहां तनाव की स्थिति देखते हुए वार्ड-39 के पार्षद आनंद कुमार गुप्ता भी पहुंचे। उन्होंने स्वदेश से हुई चर्चा में बताया कि यहां सडक़ पर गणेश समिति पंडाल लगाती है। इस बार प्रतिमा की ऊंचाई ज्यादा होने के कारण समिति पदाधिकारियों ने आंगनबाड़ी में पंडाल लगाने की मांग की थी। जिस पर दोनों पक्षों से सहमति लेने के बाद पंडाल बनाने की अनुमति दी गई है। रहवासियों का कहना था कि यहां पक्का निर्माण चबूतरा बनाने का काम होगा। मेरी तरफ से रहवासियों को आश्वास्त कराया गया है कि यह सिर्फ पंडाल लगाने तक के लिए होगा। इधर, ऐशबाग थाना प्रभारी विजय बहादुर सिंह सेंगर ने बताया कि उनके पास किसी तरह की शिकायत नहीं आई है। इसके अलावा पंडाल लगाने को लेकर हुए विवाद की जानकारी होने से भी इंकार कर दिया। हालांकि स्वदेश के पास थाने में दिए आवेदन और विवाद से संबंधित वीडियो प्रमाण मौजूद हैं।
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