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हर न्यायालय के लिए नियुक्त होगा एक अभियोजक
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मंत्रि-परिषद : अविश्वास प्रस्ताव से नहीं हटाए जा सकेंगे नप और नपा अध्यक्ष, सरकार लाएगी अध्यादेश
भोपाल। शिकायतों अथवा अन्य कारणों से नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्षों के विरुद्ध अविश्वास प्रस्तावों को रोकने के लिए राज्य सरकार आध्यादेश लाएगी। इससे इन निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को शिकायतों के आधार पर पद से हटाए जाने से रोका जा सकेगा। मंगलवार को मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में इस तरह के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। मंत्रि-परिषद ने प्रत्येक न्यायालय में एक अभियोजक नियुक्त करने सहित अन्य कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी है।
मंत्रि-परिषद द्वारा लिए गए निर्णयों की जानकारी देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि ‘वन कोर्ट, वन प्रॉसिक्यूटर’ की नीति के अंतर्गत सरकार लोक अभियोजकों की संख्या बढ़ाएगी। न्यायालयों में लगातार बढ़ रहे मामलों में लोगों को जल्दी न्याय मिल सके और महत्वपूर्ण प्रकरणों में सरकार को हारना नहीं पड़े इसलिए अतिरिक्त लोक अभियोजन के 185 पद, जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 225 और सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी के 100 पद सहित कुल 610 पद सृजित किए गए हैं। इस पर 60 करोड़ 24 लाख 72 हजार का खर्च आएगा।
डायरी-पेन नहीं, टेबलेट थामेंगे पुलिस जांच अधिकारी
थानों में दर्ज होने वाले प्रकरणों की जांच के लिए नियुक्त पुलिस अधिकारियों को टैबलेट दिए जाएंगे। जीपीएस से जुड़े इन टैबलेट के सहयोग से जांच अधिकारी घटना और स्थल के फोटो-वीडियो ले सकेंगे और अनुसंधान भी कर सकेंगे। भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत कानूनी प्रक्रिया को मजबूत बनाने प्रदेश के सभी थानों में सीसीटीएनएस की स्वीकृति संबंधी गृह विभाग के प्रस्ताव को मंत्रि-परिषद ने मंजूरी दी है। इस निर्णय के तहत कुल 25 हजार टैबलेट खरीदे जाएंगे, लेकिन पहले चरण में सरकार 75 करोड़ की लागत से 1732 टैबलेट खरीदने का निर्णय लिया है। जहां अच्छी कनेक्टिविटी होगी, शुरूआत वहां से की जाएगी।
प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे नपा और नप अध्यक्ष के चुनाव
मंत्री विजयवर्गीय ने बताया कि नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के निर्वाचन की वर्तमान अप्रत्यक्ष व्यवस्था में अराजकता की स्थिति बनती है, इसमें आर्थिक लेनदेन भी होता है और विवाद की स्थिति बनती है। इसलिए सरकार ने दोनों ही पदों पर प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने का निर्णय लिया है।
सोलर बिजली से चलेगी नल-जल योजना
ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल योजना निर्बाध रूप से संचालित हो सके और बिजली के बिल में भी कमी आ सके। लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग ने प्रस्ताव दिया है कि मप्र जल निगम के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वह पवन ऊर्जा और सोलर प्लांट लगाएगा। सोलर से 100 मेगावाट और विंड एनर्जी से 60 मेगावाट के संयंत्र लगाए जाएंगे। मंत्रि-परिषद ने प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मंत्रि-परिषद में यह भी हुए निर्णय
- उज्जैन-पीथमपुर के बीच मेट्रो ट्रेन चलाने के लिए सर्वे का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन करेगी। कुल 84 किमी की लम्बाई में नौ लाख रुपये प्रति किमी का खर्च आएगा।
- थर्मल पावर में बिजली उत्पादन के लिए कोयला की कमी न हो, इसके लिए ऊर्जा विभाग ग्रीन शो योजना लाएगा। भारत सरकार से बात कर कोयला संग्रहित किया जाएगा।
गणेश चतुर्थी पर सामान्य अवकाश की मंजूरी
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गणेश चतुर्थी पर सामान्य अवकाश घोषित किया। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को अवकाश व्यवस्था की समीक्षा के निर्देश भी दिए हैं। अब तक अवकाश का निर्णय जिला स्तर पर कलेक्टर द्वारा लिया जाता था।
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