मध्यप्रदेश

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अब एसटीएसएफ ढूंढ़ेगी बाघ का शिकारी

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-इंटरपोल से भी मांगी जा सकती है मदद
भोपाल। प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बाघ के शिकारियों को अब एसटीएसएफ यानी स्पेशल टाइगर स्ट्राइक फोर्स ढूढ़ेंगी। आधिकारिक तौर पर मामला सुपुर्द करने के बाद भी वन विभाग द्वारा शिकारियों को पकडऩे जंगल-ग्रामों में सर्च ऑपरेशन जारी रखा गया है। इसके बाद भी शिकारियों की सुराग तो दूर टाइगर का शिकार किस जगह किया गया है। इसका पता भी नहीं चल सका है। इसके पहले एसटीआर यानी सतपुड़ा टाइगर रिजर्व शिकारियों को पकडने के लिए जंगल और सीमा से लगे ग्रामों में 6 दिन सर्च ऑपरेशन चल रहा है।
     दरअसल जिस जगह टाइगर का शव मिला है। वह क्षेत्र वन विकास निगम का है। इसलिए निगम ने अपराध दर्ज किया है लेकिन उसके पास शिकारियों को पकडऩे अमला और जानकार नहीं हैं। इसलिए निगम ने मामला एसटीएसएफ को भेजने कार्रवाई पूर्ण कर दी है। क्षेत्रीय महाप्रबंधक वन विकास निगम आलोक पाठक ने बताया कि टाइगर के शिकार के जानकारी हमने एनटीसीए को भेज दी है। वहीं से इंटरपोल सहित अन्य एजेंसियों को बताया जाएगा। मामला एसटीएसएफ को सौंप दिया है। बता दें कि एसटीआर के बाघ का शिकार करने वाले शिकारियों को पकडऩे में एसटीएसएफ और एसटीआर मदद जरूर कर रहा है लेकिन अधिकारिक रूप से यह मामला निगम के पास था। इसलिये निगम ने एनटीसीए को बाघ के शिकार की पूरी जानकारी भेजी है।
इंटरपोल तक जाएगी सूचना
बताया जा रहा है कि दिल्ली से ही इस संबंध में सूचना इंटरपोल सहित अन्य एजेंसियों तक जाएगी। इसके बाद यह पता करने की कोशिश की जाएगी कि टाइगर के कटे हुए पंजे को देश के बाहर तो नहीं भेजा गया। इस पर नजर भी रखी जाएगी। इसके पहले बाघ का शिकार करने वाले शिकारियों की सूचना देने वाले को एसटीआर ने 25 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है। मिल रही सूचनाओं के आधार पर जांच टीमें कार्रवाई कर रही है। संदिग्धों को पकडक़र पूछताछ कर रही हैं।