मध्यप्रदेश

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डीएफओ ने विधायक पर लगाया रिश्वत का आरोप

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विभाग ने गठित की जांच कमेटी, दो सप्ताह में मांगी रिपोर्ट 

भोपाल। प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट से खबर चौंकाने वाले आई है। जिसमें बालाघाट उत्तर परिक्षेत्र की डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने कांग्रेस विधायक श्रीमती अनुभा मुंजारे पर 2 से 3 लाख रुपए की रिश्वत मांगने के आरोप लगाए हैं। डीएफओ ने 16 अगस्त की घटना के संबंध में वन विभाग के अपर मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल को पत्र भेजा था। जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए खुद की सुरक्षा और विधायक मामले में कार्रवाई की मांग की है। डीएफओ की शिकायत पर वन विभाग ने दो अधिकारियों की जांच कमेटी गठित कर 2 हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। 

क्या है मामला

डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने वन विभाग को लिखे पत्र में लिखा कि  16 अगस्त 2025 को सार्वजनिक अवकाश के दिन बालाघाट के वन विश्राम गृह में शाम 4 बजे विधायक ने उन्हें बुलाया और कथित तौर पर 2 से 3 पेटियों (लाख रुपए) के रूप में अवैध रूप से पैसों की मांग की। मना करने पर विधायक ने न केवल आपतिजनक भाषा का प्रयोग किया, बल्कि परिवार को लेकर भी आपत्तिजनक बातें कहीं। विधायक के निजी सहायक ने भी बदसलूकी की। बतौर डीएफओ विधायक अपने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल दबाव और ब्लैकमेल के लिए करती रही हंै। विधायक ने कहा कि अगर उनकी बातें नहीं मानी गई तो वह भोपाल मुख्यालय में भूख हड़ताल करेंगी। 

शिकायत झूठी, डीएफओ के पति नशेड़ी: निज सहायक

इस घटनाक्रम को लेकर विधायक अनुभा मुंजारे ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। उनके निज सहायक अबू शाह ने कहा कि आरोप झूठे हैं। असल में डीएफओ नेहा श्रीवास्तव के पति बालाघाट में ही दक्षिण क्षेत्र के डीएफओ हैं। वे नशेड़ी हैं और हर समय नशे में रहते हैं। पिछले दिनों उनकी घोर लापरवाही के कारण बाघ की मौत हो गई, लेकिन छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। गेस्ट हाउस में घटना के समय मैं खुद मौजूद था। पैसों की कोई डिमांड ही नहीं की गई।

राज्य शासन ने बैठाई जांच

डीएफओ नेहा श्रीवास्तव की शिकायत पर वन विभाग ने समिति गठित कर दो वरिष्ठ अधिकारियों को जांच की जिम्मेदारी सौंपी है। इनमें 1997 बैच की आईएफएस अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्रीमती कमलिका मोहता (1997 बैच) और 2010 बैच की वन संरक्षक श्रीमती अंजना सुचिता तिर्की से दो हफ्ते के भीतर रिपोर्ट मांगी है।