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परिवहन प्रधान आरक्षकों को जल्द मिलेगा चालान का अधिकार
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मुख्यमंत्री के निर्देश: निगरानी प्रणाली को मजबूत कर राजस्व बढ़ाए परिवहन विभाग
भोपाल। राजस्व संग्रह में विशेष तौर पर चालान से प्राप्त की जाने वाली राशि के अधिकार विभाग के प्रधान आरक्षक को सौंपे जाने की भी अधिसूचना जल्द ही जारी होगी। इसके बाद विभागीय चेकपोस्टों पर वाहनों को रोककर प्रधान आरक्षक भी चालान काट सकेंगे। अब तक चालानी कार्रवाई का अधिकार सहायक उप निरीक्षक स्तर तक हैं। इस तरह की जानकारी परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को दी है। मंगलवार को मंत्रालय में हुई विभागीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने विभाग की निगरानी प्रणाली को मजबूत कर राजस्व बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में मंत्री उदयप्रताप और मुख्य सचिव अनुराग जैन, विभाग के प्रमुख सचिव मनीष सिंह, परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
सालभर में 16.60 लाख वाहन पंजीकृत, इनमें 2.80 लाख इलेक्ट्रिक
अधिकारियों ने बताया, मप्र में एक साल में 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन हुआ है। इनमें 2 लाख 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल वाहन शामिल हैं। प्रदेश में ऑन रोड वाहनों की संख्या लगभग एक करोड़ 80 लाख है। विभाग को वर्ष 2024-25 में 4 हजार 874 करोड़ रुपए की राजस्व मिला है, इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में कैश लेस उपचार योजना, राहवीर योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को मिले इसके लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाने संबंध में भी चर्चा हुई। इसके अलावा प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी भी बैठक में दी गई।
इंदौर से होगी सुगम परिवहन सेवा की शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। इलेक्ट्रिकल व्हीकल और उससे जुड़े अधोसंरचना के कार्य को प्रोत्साहित किया जाए। परिवहन सेवा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरूआत बसों की आवाजाही के प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र इंदौर नगर से होगी।
मुख्यमंत्री ने यह भी दिए निर्देश
- बसों में शहरों एवं गांवों के नाम फ्रंट ग्लास पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। बस स्टॉप पर भी गांव और नगरों के नाम अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं।
- वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण हो और चालक के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो।
- परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण हों।
- सडक़ दुर्घटनाओं को रोकने नियमित रूप से अंतरविभागीय बैठक हों।
- बसों के संचालन में और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने नई तकनीक का प्रयोग करें।
- बसों के साथ ही बस स्टैंड और बस स्टॉप पर स्वच्छता रहे।
- यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे।
- दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए।
- बसें फिट हों, स्टॉफ का व्यवहार अच्छा हो।
- अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।
मुख्य सचिव ने दी यह जानकारी
उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। इसके अलावा 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता से ध्यान दिया जा रहा है।
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