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मध्यप्रदेश

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मप्र में 5 साल में दोगुना हुए निजी विश्वविद्यालय

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मध्यप्रदेश में तेजी से बढ़ रहे निजी शिक्षण संस्थान, देश के बड़े उद्योगपति भी ले रहे रुचि 

भोपाल। विगत डेढ़ दशक में मध्यप्रदेश में निजी शिक्षा कारोबार तेजी से बढ़ा है। वर्ष 2023 तक कुल 13 सालों में 500 करोड़ से अधिक खर्च वाली अधोसंरचना एवं संशाधनों वाले निजी विश्वविद्यालयों की संख्या शून्य से बढक़र 54 हो चुकी है। जबकि 25 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना भी शासन स्तर पर प्रक्रियाधीन है। 

मध्यप्रदेश में वर्ष 20 तक निजी विश्वविद्यालयों की कुल संख्या 33 थी। 2020 में कोविड के महाप्रकोप के बीच एक भी निजी विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं हुई। जबकि वर्ष 2019, 2021, 2022 और 2023 में ही 21 नए निजी विश्वविद्यालय मप्र में आरंभ हुए हैं। वर्ष 2019 का साल भी जोडऩे पर 5 सालों में नए निजी विश्वविद्यालयों की संख्या 25 हो गई। 25 नए निजी विश्वविद्यालयों की पंजीयन और अनुमति प्रक्रिया पूरी होने पर मप्र में निजी विश्वविद्यालयों की कुल संख्या 89 हो जाएगी। जबकि निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग के पास नए विश्वविद्यालयों की स्थापना के आवेदन भी पहुंच रहे हैं। 

बड़े औद्योगिक घरानों ने भी दिखाई रुचि

राजधानी भोपाल में 2023 में अजीम प्रेमजी फाउंडेशन फॉर डेवलपमेंट, बेंगलोर द्वारा अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय स्थापित किया है। कुछ अन्य बड़े कारोबारी और औद्योगिक घरानों ने भी इसमें रुचि ली है। इससे पहले रिलायंस समूह द्वारा भोपाल में 1500 करोड़ के निवेश से धीरूभाई अंबानी यूनिवर्सिटी खोलने का प्रस्ताव 2010 में दिया था। इस परियोजना के लिए शासन के पास की गई सुरक्षा निधि 5 करोड़ रुपये भी जमा कराई थी। हालांकि यह प्रोजक्ट धरातल पर नहीं उतर सका। 

अधिनियम में अब तक चार संशोधन 

मध्यप्रदेश में निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु  मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) अधिनियम वर्ष 2007 में लागू हुआ। हालांकि पहले तीन सालों में एक भी विश्वविद्यालय की स्थापना नहीं हुई। वर्ष 2010 में तीन निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से पहले ही इसके अधिनियम में पहला संशोधन 2008 में हुआ। इसके बाद 2012, 2013 और 2016 में भी संशोधन हुए। 

15 साल में स्थापित हुए 54 निजी विश्वविद्यालय

वर्ष 2010 में 03, वर्ष 2011 में 06, वर्ष 2013 में 03, वर्ष 2014 में 02, वर्ष 2015 में 05, वर्ष 2016 में 05, वर्ष 2017 में 04, वर्ष 2018 में 06, वर्ष 2019 में 04, वर्ष 2021 में 03, वर्ष 2022 में 08 और वर्ष 2023 में 06 

प्रक्रिया सूची में 25 नए निजी विश्वविद्यालय 

- सात नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु मार्च 2025 तक मप्र शासन, उच्च शिक्षा विभाग को अनुपालन रिपोर्ट पेश हुई। 

- 4 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना हेतु मार्च 2025 तक मप्र शासन, उच्च शिक्षा विभाग से आशय पत्र जारी हुए। 

- 4 नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के लिए मार्च 2025 तक उच्च शिक्षा विभाग, मप्र शासन को आशय पत्र हेतु प्रस्ताव भेजे। 

- मप्र में 10 नए निजी विश्विद्यालयों की स्थापना हेतु मार्च 2025 तक प्रस्ताव प्रक्रियाधीन थे। 

मेडिकल पाठ्यक्रमों पर निजी विश्वविद्यालयों का फोकस 

राजधानी सहित प्रदेश के अन्य शहरों में स्थापित निजी विश्वविद्यालयों का फोकस मेडिकल पाठ्यक्रम शुरू करने पर है। इसके पीछे उद्देश्य फीस के रूप में मिलने वाली मोटी रकम है। उल्लेखनीय है कि निजी विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस की एक साल की फीस करीब 15 लाख से अधिक है। दो विश्वविद्यालयों में एमबीबीएस सीटों की संख्या भी 150 से बढक़र 250 हो चुकी है। इसी प्रकार पीजी के लिए भी लाखों की मोटी फीस वसूली जाती है।