राजनीति

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स्वदेशी सिर्फ आर्थिक नहीं, इसमें देशभक्ति और स्वयं का स्वाभिमान: शिवप्रकाश

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‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प’ अभियान को लेकर भाजपा कार्यालय में हुई कार्यशाला  
भोपाल। स्वदेशी सिर्फ आर्थिक नहीं है, बल्कि इसमें देशभक्ति की भावना है और स्वयं का स्वाभिमान भी है। यह हमारी भाषा, रीति रिवाज, पहनावे, संस्कृति आदि सभी से संबंधित है। जो अपने देश में बना है, उसके प्रति स्वाभिमान ही स्वदेशी है। हमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वदेशी के संकल्प के साथ आगे बढऩा है। प्रदेश भाजपा कार्यालय में ‘आत्मनिर्भर भारत संकल्प’ अभियान को लेकर आयोजित कार्यशाला में यह बात पार्टी के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कही। कार्यशाला में पार्टी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल, आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सह-संयोजक सी. पी. जोशी एवं प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा ने भी संबोधित किया।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष, विधायक हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि भारत और चीन साथ में आजाद हुए, लेकिन हम निर्यात में पिछडग़ए। इसकी वजह पूर्ववर्ती सरकारों की निर्यात नहीं बढ़ाने की सोच रही। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार हर क्षेत्र में निर्यात बढ़ाने और भारत को आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए प्रयास कर रही है। आत्मनिर्भर का मतलब है हम देश में बनी चीजें खरीदें और हमारा आयात कम तथा निर्यात ज्यादा हो। हम वही उत्पाद खरीदें, जिसमें भारत के श्रमिक का पसीना हो, जो भारत में बना हो।
स्वदेशी का मतलब दुनिया में कल्याणकारी व्यवस्था
शिवप्रकाश जी ने कहा कि आज दुनिया में पूंजीवाद, साम्यवाद और समाजवादी व्यवस्थाओं का खोखलापन उजागर हो चुका है। यूक्रेन-रसिया और इजराइल-फिलस्तीन के युद्ध चल रहे हैं। पर्यावरण का संकट पैदा हो गया है। अतिवृष्टि हो रही है और जगह-जगह बादल फट रहे हैं। ऐसे में भारत की लिव एंड लैट लिव यानी वसुधैव कुटुंबकम की संस्कृति प्रासंगिक हो जाती है। ऐसी व्यवस्था जिसमें रोजगार हो, पर्यावरण का संरक्षण हो, कम पूंजी लगती हो और भारतीय चिंतन हो, वही दुनिया के लिए कल्याणकारी हो सकती है। इस अर्थ में स्वदेशी का मतलब है दुनिया में कल्याणकारी व्यवस्था। इसमें बाजार और व्यापार नहीं, परिवार की सोच होती है। यह भारत को आत्मनिर्भर बनाएगी और दुनिया के संकटों को दूर करेगी।
स्वदेशी के मंत्र पर आगे बढ़ रहा भारत

भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश ने कहा कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने मेड इन इंडिया और मेक इन इंडिया पर जोर दिया। ये दोनों ही नीतियां स्वदेशी को पोषित करने वाली हैं। बीते 11 वर्षों में उन्होंने स्वदेशी चिंतन के आधार पर व्यवस्थाएं खड़ी की।भारत अब स्वदेशी के मत्र पर आगे बढ़ रहा है। स्वदेशी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का संकल्प है। हमें उनके इस संकल्प के साथ खड़ा होना है। उनेंने कहा कि आज का स्वदेशी वो चरखे वाला स्वदेशी नहीं है। हमें आज के संदर्भों में स्वदेशी की व्याख्या करनी होगी। पं. दीनदयाल उपाध्याय ने एकात्म मानववाद में स्वदेशी और विकेंद्रीकरण की चर्चा करते हुए नए परिदृश्य में स्वदेशी की परिभाषा दी। उन्होंने कहा था कि स्वदेशी और आत्मनिर्भरता हमारे तंत्र हो सकते हैं।
पं. उपाध्याय से अटल जी की जयंती चल चलेगा अभियान
राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान के राष्ट्रीय सह-संयोजक  सी. पी. जोशी ने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय की जयंती 25 सितंबर से स्वदेशी के मूल मंत्र के साथ शुरू होने वाला सबसे बड़ा आत्मनिर्भर भारत संकल्प अभियान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी  की जयंती 25 दिसंबर तक चलेगा। यह कोई सामान्य अभियान नहीं, बल्कि देश की दिशा और दशा बदलने वाला अभियान है। यह भारत को विकसित राष्ट्र  बनाने का संकल्प है। अभियान में स्वदेशी का संदेश हर घर और हर दुकान तक पहुँचना चाहिए, ताकि भारत एक बार फिर आत्मनिर्भर बनकर 2047 तक विकसित राष्ट्र बन सके।
स्वदेशी के आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाएं कार्यकर्ता: शर्मा
भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद जी ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ताओं को आत्मनिर्भर भारत संकल्प सम्मेलन का आयोजन कर स्कूली छात्रों से लेकरी शासकीय विभागों, धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगठनों, युवाओं, महिला संगठनों, बुद्धिजीवियों के साथ व्यापारिक संगठनों को इस आंदोलन में सहभागी बनाना है। भाजपा के सभी मोर्चां, प्रकोष्ठों के साथ समान विचारधारा वाले संगठनों को साथ में लेकर उद्योग सम्मेलन, प्रभात फेरी, रथ यात्रा, एमएसएमई उद्योगपति सम्मेलनों का आयोजन कर स्वदेशी के इस आंदोलन को जन-जन तक पहुंचाना है। कार्यशाला में मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, नागर सिंह चौहान, श्रीमती कृष्णा गौर, अभियान के प्रदेश संयोजक रणवीर सिंह रावत, सह संयोजक श्रीमती सीमा सिंह, योगेश ताम्रकार, प्रदेश मंत्री राजेश पाण्डे, प्रदेश कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, आर्थिक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक योगेश मेहता सहित प्रदेश टोली के सदस्य मंच पर उपस्थित रहे। कार्यशाला में पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी, संभाग प्रभारी, जिला प्रभारी एवं अभियान के जिला टोली के सदस्य उपस्थित रहे।

तीन महीने का अभियान, होंगे यह कार्यक्रम

21 से 25 सितम्बर तक जिला कार्यशाला, 25 सितम्बर को अभियान की शुरूआत से केंद्र स्तर पर पत्रकारवार्ता, 26 से 30 सितम्बर तक मंडल कार्यशाला, 26 सितंबर से 25 दिसंबर तक प्रदेश स्तर के कार्यक्रम, 26-30 सितम्बर तक प्रदेश स्तर पर पत्रकारवार्ता, 1-5 अक्टूबर तक वक्ता कार्यशाला, स्वदेशी रील्स प्रतियोगिता, 1-30 नवंबर तक स्वदेशी ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता,आत्मनिर्भर भारत निबंध प्रतियोगिता, आत्मनिर्भर भारत स्पीच प्रतियोगिता, 1-25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क, 3 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक जिला स्तर कार्यक्रम, 3-15 अक्टूबर तक जिला स्तर पत्रकारवार्ता, 16-30 अक्टूबर तक महिला एवं युवा सम्मेलन, 1-15 नवंबर तक व्यापारी, लघु उद्योगी एवं प्रोफेशनल सम्मेलन, कॉलेज स्तरीय स्वदेशी संकल्प सेमिनार, 16-30 नवंबर तक- स्वदेशी मेला, 1-25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क, आत्मनिर्भर भारत संकल्प रथ और पद यात्रा, 15 अक्टूबर से 15 दिसंबर तक मंडल स्तर कार्यक्रम, 15 अक्टूबर से 15 नवंबर तक मंडल सम्मेलन, 16-30 नवंबर तक महिला एवं युवा सम्मेलन, 01-15 दिसंबर तक स्ट्रीट वेंडर छोटे दुकानदार एवं स्थानी कारीगर सम्मेलन और संपर्क, 1-25 दिसंबर तक घर-घर संपर्क और 25 दिसंबर को अभियान समापन।