मध्यप्रदेश

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खुदरा दुकानों पर नहीं मिल रहा जीएसटी छूट का लाभ

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शॉपिंग मॉल और बड़ी दुकानों ने बिलों में पहले ही दिन घटाई दरें 

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की घोषणा के बाद 22 सितम्बर से अधिकांश खाद्य और दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कम हुई जीएसटी की दरों का फायदा गली-मोहल्ले और बाजार में खुली खुदरा किराना दुकानों पर नहीं मिल सका। अधिकांश खुदरा दुकानें जीएसटी वाला बिल ग्राहकों को नहीं देती हैं। इसलिए ग्राहकों को सामान पर अंकित दरों पर ही सामान खरीदना पड़ा। 

उल्लेखनीय है विगत 3 सितम्बर को हुई जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में गरीब, मध्यम वर्ग, युवा, किसान, महिलाओं की आवश्यकता और दैनिक उपयोग की अधिकांश वस्तुओं पर जीएसटी की दरें घटाकर 5 प्रतिशत कर दी हैं। नशीले पदार्थों की जीएसटी में बढ़ोत्तरी हुई है, लेकिन अधिकांश खाद्य वस्तुएं 5 प्रतिशत के स्लैब में शामिल की गई हैं। केन्द्र और राज्य सरकार की ओर से लगातार यह प्रयास किया गया कि पहले ही दिन से आम लोगों को जीएसटी छूट का फायदा मिल सके। इसके लिए सरकार ने संबंधित कंपनियों, कारोबारियों को भी समझाइश दी थी। लगभग सभी कंपनियों ने अगली पैकिंग पर जीएसटी छूट के साथ दरें अंकित करना शुरू कर दिया, लेकिन पुरानी पैकिंग जो खुदरा दुकानों तक पहुंच चुकी है, उन पर दरें नहीं बदली जा सकी हैं। कंपनियों के आश्वासन पर मॉल और बड़ी दुकानों ने पुरानी दरों वाले सामान के बिलों में जीएसटी छूट देनी शुरू कर दी। लेकिन ऐसी खुदरा दुकानें जहां बिल नहीं दिए जाते, किसी तरह की छूट नहीं मिल सकी। 

आटा-दाल, चावल की सिर्फ पैकिंग पर छूट

छोटी-बड़ी अधिकांश दुकानों पर तौल कर बेची जाने वाली आटा, दाल, चावल सहित अन्य सामग्री पर जीएसटी दरों का लाभ ग्राहकों को नहीं मिल पा रहा है। हालांकि पैकिंग वाले सामान पर सिर्फ बिल के साथ ही मिल पा रहा है। छोटी खुदरा दुकानों पर जीएसटी छूट का लाभ कंपनी से संशोधित दरों वाली पैकिंग आने पर ही मिल सकेगा। 


पैकिंग दूध के कम नहीं होंगे दाम

जीएसटी छूट की आस लगाए बैठे पैकिंग दूध के ग्राहकों को सुबह उस समय उदास होना पड़ा, जब पता चला कि अमूल, सांची और सौरभ सहित दूसरी कंपनियों ने दूध के दाम कम नहीं किए हैं। अमूल और सांची के प्रतिनिधियों का कहना है कि चूंकि उनके दैनिक उपयोग के लिए सप्ताई किए जाने वाले किसी भी श्रेणी के दूध पर जीएसटी पहले से शून्य है। इसलिए जीएसटी छूट का सवाल ही नहीं है। हालांकि अन्य दुग्ध उत्पादनों में जीएसटी दरें कम की गई हैं।