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मप्र में निजी सहभागिता से हवाई पर्यटन की मंजूरी
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हवाई अड्डों, हैलीपेड और हवाई पट्टियों पर उतर सकेंगे निजी कंपनी के हैलीकॉप्टर
भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मप्र मंत्रि-मंडल ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सार्वजनिक निजी सहभागिता (पीपीपी) से प्रदेश में निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति दी गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जाएगी। फिलहाल सरकार ने तीन मार्गों पर हेलीकॉप्टर सेवा शुरू किए जाने को मंजूरी दी है। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानों और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है।
तीन चिन्हित क्षेत्रों में उड़ेंगे पर्यटन हैलीकॉप्टर
मंत्रि-परिषद ने हैलीकॉप्टर का संचालन को तीन सेक्टर में मंजूरी दी है।
सेक्टर-1 : इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर के बीच।
सेक्टर-2 : भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर के बीच।
सेक्टर-3 : जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच।
दो थर्मल वापस प्लांट को मंजूरी
मंत्रि-परिषद ने एमपी पावर प्लस स्टेट के तहत दो बड़े थर्मल पावर प्लांट को भी मंजूरी दी गई है। सतपुड़ा के सारणी में 660 मेगावाट पावर प्लांट नई टेक्नोलॉजी से बनाया जाएगा। 11678 करोड़ रुपए के खर्च से ये पावर प्लांट तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार पर अतिरिक्त बोझ नहीं आएगा। इसके अलावा अमरकंटक के चचाई में भी 11476 करोड़ रुपए के खर्च से नया प्रोजेक्ट शुरू होगा। इसके निर्माण और संचालन का जिम्मा मप्र पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को सौंपा गया है। इन दोनों प्लांट के निर्माण का उद्देश्य भविष्य में बढ़ती विद्युत खपत को ध्यान रखते हुए पर्याप्त बिजली उत्पादन को सुनिश्चित करना है।
सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पद होंगे सृजित
मंत्रि-परिषद ने प्रदेश के 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की मंजूरी दी है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों के लिए इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।
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