राजधानी
बारिश ने रावण नहीं, हमारे सपनों को भिगा डाला
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दशहरे पर बारिश से परेशान बांसखेड़ी के वंशकार परिवार
भोपाल। राजधानी में दशहरे के रावण पर एक बार फिर से खतरा मंडरा रहा है। राजधानी के बांसखेड़ी क्षेत्र में तीन से &0 फुट तक की ऊंचाई वाले रावण तैयार कर रहे वंशकार परिवार दहशत में हैं, क्योंकि शनिवार शाम हुई बारिश ने कागज और घास-फूस से रावण के कई पुतलों को गला डाला। दशहरे तक शहर में लगातार बारिश होने की संभावना भी है। हालांकि पुतलों को बचाने के लिए कुछ लोगों ने बड़ी तिरपाल और पॉलीथिन भी खरीदी है।
रातभर जागी, सामने गलते हुए देखी मेहनत
बांस की लकड़ी से रावण के छोटे पुतले और बड़े पुतलों के अंग तैयार कर रही श्याम बाई वंशकार ने बताया कि सालभर दशहरे का इंतजार करते हैं। डेढ़ महीने से पुतलों की तैयारी करते हैं। पूरा कारोबार आखिरी तीन दिनों में हो पाता है। शनिवार की रात बारिश तेज थी और पुतले छुपाने की जगह नहीं थी। फुटपाथ पर छोटे-बड़े पुतलों पर गिरती पानी की बूंदों से अपनी मेहनत और सपनों को गलते हुए देखा। पुतलों पर लगा कागज और घास-फूस गीला हो गया। इसलिए फिर से दिन-रात मेहनत कर यह पुतले फिर से तैयार करने पड़ेंगे।